
दुर्ग जिला, जो वर्तमान स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का कार्यक्षेत्र है और जहां पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू का मूल प्रभाव वाला क्षेत्र (पाउवारा गांव से जुड़ा) है, वहां एक निजी स्कूल में बच्चों की सेहत के साथ बड़ा हादसा टल गया। पाउवारा स्थित रॉयल एकेडेमी पब्लिक स्कूल के वार्षिक समारोह (एनुअल फंक्शन) के दौरान परिसर में लगे जंक फूड स्टॉल पर एक्सपायरी डेट पार कर चुकी सामग्री बच्चों को बेची जा रही थी, जिससे अभिभावकों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया।
जांच में खुलासा हुआ कि चिप्स, कुरकुरे, विभिन्न बिस्कुट और अन्य पैकेज्ड स्नैक्स लगभग 3 महीने पहले एक्सपायर हो चुके थे। कुछ सतर्क माता-पिता ने पैकेट्स चेक किए और पुरानी डेट देखते ही पूरे मैदान में हंगामा मच गया। गुस्साए अभिभावकों ने स्टॉल घेर लिया, स्कूल प्रबंधन से कड़े सवाल किए और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर आरोप लगाए। शाम ढलते-ढलते माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि पुलिस प्रशासन को मौके पर बुलाना पड़ा।

दुकानदार ने पकड़े जाने पर अजीबोगरीब बहाने गढ़े। उसने दावा किया कि “सामान पूरी तरह सुरक्षित है, पैकेट पर डेट पुरानी छप गई है” जैसी बातें कीं, जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क उठा। स्कूल प्रबंधन ने ही इस दुकानदार को स्टॉल की अनुमति दी थी, इसलिए अब उनके ऊपर सवाल खड़े हो गए हैं कि बच्चों के स्वास्थ्य की कोई जांच किए बिना कैसे इजाजत दी गई?
स्कूल प्रशासन से जब संपर्क किया गया तो सिर्फ गोलमोल जवाब मिले—”हम जांच कर रहे हैं” और “जल्द उचित कार्रवाई होगी” जैसे बयान दिए गए, लेकिन कोई ठोस जानकारी, स्पष्टीकरण या माफी नहीं आई। अभिभावकों का साफ कहना है कि यह महज लापरवाही नहीं, बल्कि बच्चों की सेहत के साथ जानलेवा खिलवाड़ है। एक्सपायर्ड जंक फूड खाने से फूड पॉइजनिंग, उल्टी, दस्त या अन्य गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकते थे।

यह घटना ऐसे संवेदनशील समय में सामने आई है जब दुर्ग जिला शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की जिम्मेदारी में है और पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू का राजनीतिक प्रभाव वाला क्षेत्र होने के कारण स्थानीय स्तर पर यह मामला और ज्यादा चर्चा में है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या उच्च स्तरीय राजनीतिक कनेक्शन वाले इस जिले में स्कूलों की निगरानी और जवाबदेही इतनी कमजोर क्यों है?
अब मुख्य सवाल ये हैं
– रॉयल एकेडेमी पाउवारा स्कूल प्रबंधन पर क्या सख्त कार्रवाई होगी?
– दुकानदार के खिलाफ **FSSAI** नियमों के तहत क्या एक्शन लिया जाएगा?
– क्या इस घटना के बाद दुर्ग जिले के सभी स्कूलों में फूड स्टॉल्स, बिक्री वाली सामग्री और एक्सपायरी जांच के नए सख्त दिशानिर्देश जारी होंगे?
पुलिस जांच जारी है और इस मामले में आगे की कार्रवाई होने की संभावना है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि उत्सवों के नाम पर भी बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को कभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता—खासकर ऐसे जिले में जहां शिक्षा और प्रशासन के बड़े नेता सक्रिय हैं।