Dhaara News

भिलाई सत्याग्रह: विधायक देवेंद्र यादव की भूख हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, BSP प्रबंधन पर तंज कसते हुए कहा- ‘पानी-जूस पी लो, अधिकार नहीं है!’

भिलाई, 22 दिसंबर 2025: भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के कथित निजीकरण, रिटेंशन स्कीम के नए नियमों, सेक्टर-9 अस्पताल और स्कूलों की बिक्री के खिलाफ चल रहा ‘भिलाई सत्याग्रह’ अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। भिलाई नगर विधायक और कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल तीसरे दिन भी जारी है। आज BSP प्रबंधन के प्रतिनिधि सत्याग्रह मंच पर पहुंचे, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही। विधायक ने प्रबंधन के रवैये पर करारा तंज कसा, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

विधायक देवेंद्र यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा:

आज बीएसपी प्रबंधन भिलाई सत्याग्रह के मंच पर संवाद करने पहुंची थी।

मैंने कहा – बीएसपी आवास खाली मत कराओ..

वो बोले – पानी पी लो..!!

मैंने कहा – सेक्टर 9 हॉस्पिटल मत बेचो..

वो बोले – नींबू पानी पी लो ..!!

मैंने कहा – हमारे स्कूल मत बेचो..

वो बोले – जूस पी लो.!!

मैंने कहा – नए रिटेंशन स्कीम वापस लो..

वो बोले – कुछ खा लो.!!

मैंने कहा – ये भिलाई के भविष्य की लड़ाई है इसलिए भूखा बैठा हूं।।

वो बोले – हमारे पास अधिकार नहीं है किसी बड़े अधिकारी को भेजते हैं

मैंने कहा – हम इंतजार करेंगे और यह आंदोलन जारी रखेंगे।

भिलाई को बिकने नहीं देंगे ..!!

#BhilaiSatyagrah #BhilaiAgainstPrivatisation

यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और हजारों लोग इसे शेयर कर समर्थन जता रहे हैं। विधायक ने स्पष्ट कहा कि यह लड़ाई नेहरू के सपनों से बने भिलाई की रक्षा के लिए है और इसे बिकने नहीं देंगे।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

सत्याग्रह की शुरुआत 20 दिसंबर से हुई थी, जो मूल रूप से दो दिवसीय उपवास था, लेकिन BSP प्रबंधन और प्रशासन के उदासीन रवैये के कारण इसे अनिश्चितकालीन बना दिया गया।

मुख्य मांगें: रिटेंशन स्कीम के नए नियम वापस लो (जिससे किराया अंधाधुंध बढ़ रहा है), आवास खाली न कराए जाएं, सेक्टर-9 अस्पताल और स्कूलों का निजीकरण रोका जाए, ठेका श्रमिकों को न्यूनतम वेतन दिया जाए।

विधायक ने केंद्र की मोदी सरकार और BSP प्रबंधन पर ‘डबल इंजन की सरकार’ के तहत भिलाई को उजाड़ने का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है।

प्रबंधन का रवैया: ‘बड़े अधिकारी को भेजते हैं’

आज प्रबंधन के अधिकारी मंच पर पहुंचे, लेकिन विधायक की मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया। उन्होंने कहा कि उनके पास अधिकार नहीं हैं और बड़े अधिकारी से बात कराएंगे। विधायक ने जवाब दिया कि वे इंतजार करेंगे, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा। इससे आक्रोश और बढ़ गया है। समर्थक रातभर अलाव जलाकर मंच पर डटे रहे।

व्यापक समर्थन

ट्रेड यूनियन नेता, पूर्व विधायक, महापौर, पार्षद और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि सत्याग्रह में शामिल हो रहे हैं।

कांग्रेस कार्यकर्ता और युवा बड़े संख्या में पहुंच रहे हैं।

सोशल मीडिया पर #BhilaiSatyagrah और #BhilaiAgainstPrivatisation ट्रेंड कर रहा है। लोग लिख रहे हैं- “भिलाई की शान को बचाओ!”

विधायक देवेंद्र यादव ने कहा, “यह सिर्फ BSP की नहीं, पूरे भिलाई के भविष्य की लड़ाई है। नेहरू के भिलाई को बिकने नहीं देंगे।” आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, सत्याग्रह जारी रहेगा। भिलाईवासी एकजुट होकर इस लड़ाई को जीतने का संकल्प ले चुके हैं।

क्या यह सत्याग्रह BSP प्रबंधन को झुकने पर मजबूर करेगा? आने वाले दिन बताएंगे। फिलहाल भिलाई में तनाव का माहौल है और आंदोलन तेज हो रहा है।

dhaaranews
Author: dhaaranews

Facebook
Twitter
WhatsApp
Reddit
Telegram

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हमसे जुड़े

Weather Forecast

DELHI WEATHER

Gold & Silver Price

पंचांग