
क्षेत्र के सहकारिता विभाग के पूर्व जनपद सभापति विक्की मिश्रा ने सोसाइटियों के माध्यम से मिलने वाले खाद बीज में भारी समस्या को लेकर राज्य सरकार पर आरोप लगाया है उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि किसान उन्नति का ढोंग पीटने वाली सरकार किसानों के लिए यूरिया, डीएपी जैसे महत्वपूर्ण खाद उपलब्ध नहीं करा पा रही है जबकि मार्केट में 30% से भी अधिक लागत में किसानों को मजबूरी में खाद उठाना पड़ रहा है यह साय सरकार की नाकामी है। मार्केट में खाद और बीज उपलब्ध है लेकिन सहकारी समितियों में खाद बीज उपलब्ध नहीं है सरकार के सोसाइटी में यूरिया, डीएपी जाने से पहले निजी दुकानों में खपा दिया गया है जिससे किसान त्राहि-त्राहि कर रही है लेकिन साय सरकार अभी भी कृषक उन्नति का ढोंग पीट रही है, सहकारी समितियों से खाद गायब है और निजी दुकानों में बिक कैसे रही है यह बड़ा सवाल है, यह सरकार के गाल पर तमाचा है।
डीएमआर खाते से हो रही किसानों को परेशानी
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक और सहकारी समिति के अधिकारियों की गलती के चलते किसानों को भुगतना पड़ रहा है मेरे क्षेत्र के कई किसानों को कर्ज पटाने के लिए फोन आ रहा है जो 2018-19 में लिया गया था। उनके खातों को सहकारी समितियां में कर्ज पट चुका है बता दिया गया था उसके बाद अचानक से वसूली के लिए फोन आ रहा है जिससे किसान परेशान है यह गलती कर्मचारियों ,अधिकारियों की है। किसान खेती करें कि सोसाइटियों के चक्कर लगाए।
उन्होंने अपने क्षेत्र में आने वाले कृषि केंद्र के व्यापारियों से सहयोग रखते हुए कम मुनाफा लेकर किसानों को सहूलियत देने का अपील किया है। वहीं प्रशासन को ज्यादा रेट में खाद बेचने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की भी अपील की है।







