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धान खरीदी में हो रही दोहरी समस्या : ढालेश साहू , संभाग आयुक्त से की एग्रीस्टैक पोर्टल व कर्मचारियों की कमी को दूर करने की मांग

आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2024-2025 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों के बीच दोहरी गंभीर समस्याओं को लेकर किसान नेता एवं जनपद सदस्य ढालेश साहू ने दुर्ग संभाग आयुक्त को पत्र भेजकर तत्काल निराकरण की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन समस्याओं पर प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई तो लाखों किसानों को भारी आर्थिक नुकसान और प्रशासनिक अराजकता का सामना करना पड़ेगा।

ढालेश साहू ने बताया कि दुर्ग जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अंतर्गत दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिलों की 311 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के मुकाबले वर्तमान में मात्र 90 प्रबंधनकर्मी कार्यरत हैं। इससे एक प्रबंधक को औसतन तीन से अधिक समितियों का कार्यभार संभालना पड़ रहा है। उनके अनुसार, धान खरीदी जैसे जटिल कार्य—टोकन जारी करना, मापतौल, रिकॉर्ड संधारण और भुगतान—इस कमी के कारण गंभीर रूप से प्रभावित होंगे।

साहू ने दूसरी प्रमुख समस्या एग्रीस्टैक पोर्टल से जुड़ी बताई। उनके अनुसार, पंजीयन के दौरान किसानों को अनेक तकनीकी व डेटा संबंधी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 2023 के बाद नामांतरण या पारिवारिक बँटवारा कराने वाले किसानों के भू-स्वामित्व रिकॉर्ड पोर्टल पर अपडेट नहीं हो रहे हैं। संयुक्त खातेदारों को भी अपने हिस्से की भूमि का पंजीयन कराने में कठिनाइयाँ आ रही हैं। इसके अलावा नगरीय निकाय क्षेत्रों में आने वाले किसानों की भूमि का विवरण पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रहा, जिससे वे पंजीयन से वंचित हैं। वहीं चॉइस सेंटरों पर पोर्टल की अत्यधिक धीमी गति और तकनीकी खामियों के कारण किसान घंटों इंतजार के बाद भी निराश लौट रहे हैं।

ढालेश साहू ने संभाग आयुक्त से आग्रह किया है कि किसानों के हितों की रक्षा हेतु संबंधित विभागों को तत्काल निर्देश जारी किए जाएँ। उन्होंने 311 समितियों के सुचारू संचालन के लिए अस्थायी या संविदा आधार पर अतिरिक्त प्रबंधनकर्मी और ऑपरेटरों की तत्काल नियुक्ति की मांग की है। साथ ही राजस्व, कृषि और सहकारिता विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर एग्रीस्टैक पोर्टल की तकनीकी व डेटा संबंधी समस्याओं का युद्धस्तर पर निराकरण करने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जब तक पोर्टल पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो जाता, तब तक किसानों के पंजीयन के लिए मैन्युअल अथवा पुरानी पद्धति को वैकल्पिक रूप से लागू किया जाए ताकि कोई भी किसान पंजीयन से वंचित न रहे।

साहू ने विश्वास जताया है कि संभाग आयुक्त किसानों की इस गंभीर समस्या की संवेदनशीलता को समझते हुए धान खरीदी प्रारंभ होने से पूर्व इन दोनों समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई बाधा न हो।

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Author: dhaaranews

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