रायपुर/दिल्ली। छत्तीसगढ़ के पहले अंतरिक्ष केंद्र का नवा रायपुर में शुभारंभ एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने इसे राज्य के युवाओं के सपनों को नया आकाश देने वाला मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र छत्तीसगढ़ को भविष्य का स्पेस टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में एक मजबूत और दूरदर्शी कदम है।
छात्रों और युवाओं के लिए अवसर
इस अंतरिक्ष केंद्र के माध्यम से राज्य के छात्र और युवा वैज्ञानिक स्पेस रिसर्च, नवाचार, सिमुलेशन और अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण के अवसर प्राप्त करेंगे। इससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। अग्रवाल ने कहा कि यह सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विज्ञान और नवाचार को बढ़ावा देने वाली दूरदर्शी नीतियों का परिणाम है और छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री को आभार व्यक्त किया।
केंद्र की स्थापना के पीछे की प्रेरणा
अग्रवाल ने अगस्त 2025 में आंध्र प्रदेश प्रवास के दौरान श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र का दौरा किया था, जहां से उन्हें रायपुर में ऐसी ही अत्याधुनिक सुविधा स्थापित करने की प्रेरणा मिली। इसके बाद उन्होंने 08/09/2025 को प्रधानमंत्री और अंतरिक्ष आयोग के सचिव को पत्र लिखकर रायपुर में स्पेस लैब और सिम्युलेटर स्थापित करने का अनुरोध किया। लोकसभा में नियम 377 के तहत भी इस विषय को उठाया गया। 18 नवंबर 2025 को अंतरिक्ष विभाग के सचिव ने रायपुर में अंतरिक्ष प्रयोगशाला स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की।
भविष्य की संभावनाएं
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह अंतरिक्ष केंद्र नई पीढ़ी की उड़ान की शुरुआत है। अब छत्तीसगढ़ के युवा ISRO, NASA सहित वैश्विक मंचों पर राज्य का नाम रोशन कर सकेंगे और राज्य को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।