विशेष संवाददाता दुर्ग

दुर्ग जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र में बार, ढाबे और रेस्टोरेंट की भरमार है, लेकिन लोग फिर भी सड़क किनारे, गलियों में या खुले मैदान में “फ्री में एयर कंडीशनिंग” का मजा लेते हुए शराब पी रहे हैं। ऑनलाइन रिकॉर्ड बताते हैं कि जनवरी माह में कुल 117 मामलों में से 54 मामले इसी “ओपन एयर बार” से जुड़े हैं। यानी आधे से ज्यादा केस ऐसे जहां लोग सोचते हैं – बार में पैसा क्यों दें, अहाते गंदे हैं, कोई देख न ले, जब सड़क फ्री है और पुलिस भी कभी-कभी “छोड़ दो भाई” मोड में आ जाती है!
हाल ही में पुलगांव पुलिस ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 36(च) और 36(च)1 के तहत कई कड़कड़ाती ठंड में “एयर कंडीशन मे पीने वालों” को पकड़ा। सबको गिरफ्तार तो किया, लेकिन ज्यादातर को जल्दी ही “जमानत पर आजाद” कर दिया गया – शायद इसलिए कि कल फिर से वही जगह खाली न छूट जाए!
जिन आरोपियों के ऊपर कार्रवाइयाँ हुई उनकी लंबी लिस्ट इस प्रकार है:
मनीष देशमुख, प्रदीप देशलहरे,यशवंत निषाद, चरण ठाकुर, राजा राजपूत, हरशु यादव, ओमकार निर्मलकर, मोरध्वज निषाद, सागर साहू, नवीन यादव, मनोज यादव, रेखराम यदु, अशोक यादव, चतुर सिंग निषाद, सोमसिंग, मानसिंग मेश्राम, संतोष ध्रुवे, गोवर्धन साहू, नागेंद्र तुरकर, योगेश सोना, चंद्रप्रकाश उर्फ अंकुर, लीलाधर साहू, पिंटू कुमार मंदावी, वेंकटेश गोस्वामी, रामकुमार कोल, विनोद यादव, नितीश कुमार, हेमंत चंद्राकर, गोपेंद्र चंद्राकर, पुरेंद्र दास मानिकपुरी, राहुल यादव, पुनम लाल साहू, टिकेश्वर साहू, योगेश चंद्राकर, राजेश यादव, भरत धनकर, राहुल साहू, रमन सिंग, भरत सहगल, दिनेश चंद्राकर, योगराज टंडन, अनिकेत पारकर, रघुनाथ ठाकुर, सागर यादव, बस्तम यादव, गोपीचंद निषाद, डोमार साहू, भुखउ राम यादव, लेकेश्वर साहू, राजेश साहू उर्फ लिकेश साहू, छत्तर साहू, पीलेश्वर साहू, प्रमोद कुमार साहू, लोकेश साहू।

यह सब ऑपरेशन विश्वास का कमाल है, जहां पुलिस रातभर चेकिंग करती है, लेकिन कई बार लगता है कि “विश्वास” ज्यादा लोगों पर है जो सोचते हैं – पकड़े भी जाएं तो क्या, कल फिर वही ड्रामा!
दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल की कड़क छवि इस अभियान में सबसे आगे है। उनके सख्त निर्देशों से नशे के खिलाफ मुहिम तेज है – चाहे ड्रग्स हो, हुक्का हो या खुले में शराब। एसपी साहब की “जीरो टॉलरेंस” पॉलिसी से अपराधियों में हड़कंप है, और जनता में थोड़ा-सा विश्वास भी बढ़ा है कि पुलिस अब सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि असल में एक्शन ले रही है। लेकिन पुलगांव जैसे इलाके में बारों की चमक के बीच सड़क पर शराब पीने वालों का “ट्रेंड” जारी है – शायद अगली बार पुलिस को “बार-बार” चेकिंग के साथ-साथ “बार” वालों पर भी नजर रखनी पड़े!
पुलिस की यह कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि एक दिन पुलगांव में भी लोग कहें – “बार में पीयो, सड़क पर नहीं!”
बहरहाल फरवरी महीने में ही खबर लिखे जाने तक पुलगांव थाने में 18 लोगों पर इसी मामले के तहत कार्रवाई हो गई है ये आंकड़ा कहाँ तक पहुंचता है माह के अंत में ही पता चल सकेगा.