Dhaara News

मूक-बधिर पीड़िता से दुष्कर्म मामले में हाई कोर्ट ने आरोपी को उम्रकैद की दी सजा

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मूक-बधिर पीड़िता से जुड़े दुष्कर्म मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

प्लास्टिक की गुड़िया से बताई पीड़िता ने आपबीती

यह मामला 2020 का है, जब बालोद जिले के अर्जुंदा थाना क्षेत्र में जन्म से मूक-बधिर युवती के साथ उसके ही रिश्तेदार ने दुष्कर्म किया। घर में अकेली होने का फायदा उठाते हुए आरोपी ने अपराध किया। घटना के बाद पीड़िता ने इशारों और प्लास्टिक की गुड़िया के माध्यम से पूरी घटना बताई। ट्रायल कोर्ट ने दुभाषिए की मदद और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को आईपीसी की धारा 450 और 376 के तहत दोषी ठहराया।

हाई कोर्ट ने सजा बरकरार रखी

आरोपी ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी और पीड़िता की गवाही की वैधता पर सवाल उठाया। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के बाद अपील खारिज कर दी और स्पष्ट किया कि मूक-बधिर गवाह की गवाही भी वैध होती है।

घटना का विवरण

पीड़िता ने परिजनों के घर लौटने पर इशारों में घटना बताई और आरोपी की पहचान की। इसके बाद मां की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।

यह फैसला मूक-बधिर और अन्य विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों और गवाह की गवाही की वैधता को लेकर महत्वपूर्ण मिसाल है।

Dhaara News
Author: Dhaara News

Leave a Comment