रिसाली । रिसाली नगर निगम की आम सभा में मंगलवार को महापौर शशि सिन्हा ने 233 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट में 12 लाख रुपये का लाभ दिखाया गया। बजट पेश होने के बाद सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के पार्षदों के बीच टैक्स, निगम की संपत्ति, EWS भूमि चिन्हांकन समिति और ठेका प्रक्रिया को लेकर गरमागरम बहस छिड़ गई।
सदन में सबसे ज्यादा तीखी बहस EWS भूमि चिन्हांकन को लेकर हुई। सत्तापक्ष के पार्षद चंद्रभान ठाकुर लगातार विभिन्न मुद्दों पर सवाल उठाते रहे। इसी दौरान उन्होंने ऊंची आवाज में बात रखी। तब सभापति केशव बंछोर ने उन्हें कहा, “जोर से चिल्लाने की आवश्यकता नहीं है।” सभापति ने उन्हें चुप रहने को भी कहा और एक बार सदन से निष्कासन का आदेश भी दे दिया। पूरा सदन सभापति और चंद्रभान ठाकुर के बीच की नोकझोंक देखता रहा।
चंद्रभान ठाकुर ने EWS की जमीनों को चिन्हांकित करने के लिए बनी समिति की रिपोर्ट न मिलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि एक साल पहले बनी समिति की अब तक कोई बैठक नहीं हुई और न ही कोई कार्रवाई हुई। ठाकुर ने अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा, “EWS की जमीनों को चिन्हांकित करने के लिए बनी समिति की रिपोर्ट तक नहीं मिल रही है।” उन्होंने छत्तीसगढ़ के स्थानीय युवकों और महिलाओं को टेंडर प्रक्रिया में शामिल करने और उनके हितों की रक्षा करने की भी मांग की।
चंद्रभान ठाकुर ने सभापति केशव बंछोर पर भी आरोप लगाया और कहा, “आप अपना लाभ देखते हैं। शहर सरकार के विरोध के बावजूद सफाई ठेका पास कर दिया गया था।” सदन में पार्षदों ने सभापति पर अधिकारियों से जवाब नहीं दिला पाने का आरोप भी लगाया। इस दौरान ठाकुर विपक्ष की मुद्रा में नजर आए।
नेता प्रतिपक्ष शैलेंद्र साहू ने बजट को “लॉलीपॉप” करार देते हुए कहा कि यह पूरी तरह निराशाजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व बजट में केवल कांग्रेस पार्षदों के सुझावों पर अमल किया गया, जबकि भाजपा पार्षदों के सुझावों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। शैलेंद्र साहू ने अपने वार्ड में मांगलिक भवन बनाने की मांग की और एक जमीन के प्राइवेट बिल्डर के नाम रजिस्ट्री को लेकर पूर्ववर्ती सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पूछा, “उस जगह पर भूमि पूजन हो चुका था, फिर रजिस्ट्री कैसे हो गई?”
सभापति केशव बंछोर बार-बार सदन को बजट पर चर्चा करने के लिए कहते रहे, लेकिन पार्षद विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखते रहे। शाम तक बजट पर कोई ठोस चर्चा नहीं हो पाई। दोनों पक्षों के पार्षदों ने अगले दिन और चर्चा करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन सभापति ने कहा कि “बजट पास किया जाना चाहिए, इसमें एक दिन और चर्चा रखने जैसी कोई बात नहीं है।” उन्होंने सुझाव आमंत्रित किए, लेकिन कई पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों के विकास और निर्माण कार्यों की मांग दोहराई।
पार्षद विधि यादव ने 22 वर्षीय ठेका श्रमिक रोशन लाल देवांगन की मौत पर निगम प्रशासन की लापरवाही का मुद्दा उठाया। उन्होंने निगम और कर्मचारियों पर जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि मृतक की बहन को यथासंभव प्लेसमेंट दिया जाए। पीडब्ल्यूडी प्रभारी जहीर अब्बास ने मामले पर संवेदनशीलता जताते हुए कहा, “हम इस मामले में संवेदनशील हैं। प्लेसमेंट तो दिया जाना चाहिए, लेकिन कर्मचारियों का ESI-PF जमा करना चाहिए क्योंकि निगम उसके लिए पैसा देती है।
अंत में बजट पास कर दिया गया। विपक्ष के पार्षदों ने सामान्य सभा की तारीख घोषित करने की मांग की, जिस पर सभापति केशव बंछोर ने जल्द ही सामान्य सभा आयोजित करने की बात स्वीकार कर ली।
सदन की कार्यवाही हास्य-प्रमोद भरी माहौल में समाप्त हुई और दोनों दलों के पार्षद हंसते-मजाक करते हुए बाहर निकले।








