दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत विनायकपुर में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ स्ट्रीट लाइट और बिजली सामाग्री की खरीदी में 2,18,068 रुपये की भारी अनियमितता पाई गई है । जांच रिपोर्ट के आधार पर जनपद पंचायत सीईओ ने तत्कालीन सरपंच और सचिव को दोषी मानते हुए राशि वसूली और अनुशासनात्मक कार्यवाही की सिफारिश की है ।
वर्तमान सरपंच की शिकायत पर खुली पोल

इस पूरे घोटाले का खुलासा तब हुआ जब विनायकपुर के वर्तमान सरपंच श्री योगेन्द्र दिल्लीवार ने लिखित शिकायत दर्ज कराई । उन्होंने आरोप लगाया था कि गांव में जो सामान बिलों में दिखाया गया है, वह असल में लगाया ही नहीं गया । जांच के दौरान पाया गया कि 27 जनवरी 2025 को खरीदे गए एलईडी बल्बों में से कुछ 2023 की एक्सपायरी डेट के थे ।
जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे
वरिष्ठ आंतरिक लेखा परीक्षण अधिकारी श्री आई.पी. नागदेवे द्वारा की गई जांच में कई तकनीकी और वित्तीय खामियां मिली हैं।
गायब सामाग्री: बिलों में 100 और 200 एम्पीयर के मेन स्विच और 300 एम्पीयर के किट-किल फ्यूज दर्ज हैं, लेकिन गांव में इनका कहीं अस्तित्व नहीं मिला और न ही ये स्टॉक रजिस्टर में दर्ज हैं ।
तकनीकी गड़बड़ी : स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में 4 MM का कॉपर वायर और 300 एम्पीयर का किट-किल इस्तेमाल नहीं होता, फिर भी इनके नाम पर फर्जी बिलिंग की गई ।
नियमों की अनदेखी : सामाग्री की आपूर्ति बिना किसी निविदा (टेंडर) के की गई और कई बिलों पर खरीदी की तारीख तक अंकित नहीं है ।
खाली प्रस्ताव: पंचायत के कुछ प्रस्तावों में सामाग्री खरीदने हेतु राशि की जगह खाली छोड़ दी गई थी, जिसे बाद में भरा गया ।
इन पर गिरेगी गाज!
जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि तत्कालीन सरपंच श्रीमती ललिता गजपाल और सचिव श्रीमती पुष्पा सोनबेर ने पंचायत निधि का अनाप-शनाप व्यय कर शासन को आर्थिक नुकसान पहुँचाया है । रिपोर्ट के अनुसार, लेखा नियमों का पालन करने की मुख्य जिम्मेदारी सचिव की होती है, जिसमें वह पूरी तरह विफल रहीं ।
कड़ी कार्यवाही की तैयारी
जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री रूपेश कुमार पाण्डेय ने जांच प्रतिवेदन से सहमति जताते हुए इसे जिला पंचायत को आवश्यक कार्यवाही हेतु भेज दिया है । रिपोर्ट में धारा 92 के तहत राशि की वसूली और सचिव पुष्पा सोनबेर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही संस्थित करने की अनुशंसा की गई है ।







