दुर्ग (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित अफीम घोटाले का पर्दाफाश करने वाले समोदा ग्राम पंचायत के सरपंच अरुण गौतम को माननीय हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने अनुविभागीय अधिकारी (SDM) द्वारा उन्हें पद से हटाने के आदेश पर अंतरिम रोक (Stay) लगा दी है। इस फैसले के बाद अब अरुण गौतम फिर से सरपंच पद की कमान संभालेंगे।
कोर्ट में क्या हुआ?
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक अरुण गौतम को पद से नहीं हटाया जाएगा। कोर्ट ने माना कि मामले के गुण-दोष पर विस्तृत सुनवाई जरूरी है। राज्य शासन और संबंधित पक्षों को जवाब दाखिल करने के लिए 4 सप्ताह का समय दिया गया है।
क्यों हुई थी कार्रवाई?
सरपंच अरुण गौतम ने कुछ समय पहले गांव में मक्के के खेतों के बीच हो रही अवैध अफीम की खेती का खुलासा किया था, जिससे पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया था। इस खुलासे के बाद ही उन पर चुनावी शपथ-पत्र में जानकारी छिपाने का आरोप लगाकर 05 मई 2026 को बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई थी।
साजिश बनाम न्याय
अरुण गौतम के समर्थकों और उनके वकील ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध (Revenge) की कार्रवाई बताया था। उनका कहना था कि अफीम माफियाओं और रसूखदारों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उन्हें पद से हटाने की साजिश रची गई। हाईकोर्ट के इस ‘स्टे’ को सत्य की जीत माना जा रहा है।
मुख्य अपडेट्स:
पद पर बहाली: अरुण गौतम फिर से पंचायत का कामकाज देखेंगे।
न्यायपालिका का आदेश: अगली सुनवाई 6 सप्ताह बाद होगी।
गांव में खुशी: बहाली की खबर मिलते ही समोदा गांव में ग्रामीणों ने हर्ष जताया।







