आदेश में दोनों प्रधान आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र राजनांदगांव संबद्ध किया गया है। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निलंबन अवधि के दौरान दोनों बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को अनुशासन बनाए रखने की दिशा में सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक पुलिस लाइन और थाना परिसरों में अनुशासनहीनता को लेकर पहले भी चेतावनी दी जा चुकी थी, बावजूद इसके बैरक में शराब सेवन का मामला सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया।
राजनांदगांव पुलिस की इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप का माहौल है। वहीं पुलिस महकमे में इसे साफ संदेश माना जा रहा है कि ड्यूटी और विभागीय अनुशासन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।








