रायपुर/दुर्ग। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने प्रदेश में शासकीय सेवकों के साथ बढ़ रही अभद्रता, दुर्व्यवहार और दबाव बनाने की घटनाओं पर कड़ी आपत्ति जताई है। फेडरेशन ने हाल ही में सामने आए ऐसे मामलों की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फेडरेशन का कहना है कि शासकीय कर्मचारी शासन और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करते हैं। ऐसे में ड्यूटी के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार न केवल कर्मचारी वर्ग का अपमान है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर भी सीधा प्रहार है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब कई बहस और विवाद का वीडियो सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ व्यवहार को लेकर विभिन्न वर्गों में बहस छिड़ गई है।
फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने कहा है कि यदि इस प्रकार की घटनाओं पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो कर्मचारी एवं अधिकारी वर्ग अपने सम्मान और सुरक्षा की रक्षा के लिए प्रदेशव्यापी आंदोलन करने को बाध्य होगा।
फेडरेशन ने सरकार से मांग की है कि शासकीय सेवकों को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस बयान को हाल के विवादों से जोड़कर देखा जा रहा है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और अधिकारियों के बीच संवाद लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप होना चाहिए, ताकि शासन-प्रशासन की छवि और जनता का विश्वास दोनों कायम रह सकें।







