दुर्ग/अंडा। दुर्ग जिले के ग्राम अंडा स्थित शैलदेवी महाविद्यालय एक बार फिर चर्चाओं में है। इस बार मामला एक छात्र को स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) देने में कथित देरी और आनाकानी से जुड़ा है। इस मुद्दे को लेकर ग्राम अंडा के सरपंच दिग्विजय सिन्हा ने महाविद्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में सरपंच महाविद्यालय प्रबंधन से छात्र को समय पर टीसी उपलब्ध कराने की मांग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और महाविद्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि शैलदेवी महाविद्यालय का नाम इससे पहले भी कई विवादों में सामने आ चुका है। सोशल मीडिया तथा पूर्व में सार्वजनिक रूप से सामने आए मामलों में छात्रों से अतिरिक्त राशि वसूले जाने, कम उपस्थिति (शॉर्ट अटेंडेंस) के नाम पर कथित अवैध वसूली, तथा परीक्षा में बैठाने के लिए अतिरिक्त राशि लेने जैसे आरोप लगाए जाते रहे हैं। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा अंतिम रूप से क्या कार्रवाई हुई, इसकी स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार के माध्यम से नहीं की जा रही है।
हालिया टीसी विवाद के बाद एक बार फिर महाविद्यालय की कार्यप्रणाली चर्चा का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी छात्र को नियमों के अनुरूप स्थानांतरण प्रमाण पत्र प्राप्त करने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, तो यह शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह समाचार सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो तथा पूर्व में सार्वजनिक रूप से सामने आए मामलों के आधार पर तैयार किया गया है। वर्तमान टीसी प्रकरण से संबंधित किसी भी प्रकार की लिखित शिकायत, आधिकारिक दस्तावेज या सक्षम प्राधिकारी की पुष्टि हमें प्राप्त नहीं हुई है। इसलिए वर्तमान घटना से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि हम नहीं करते हैं।








