दुर्ग। कांग्रेस नेता एवं दुर्ग जिपं सदस्य प्रतिनिधि विक्की मिश्रा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत करते हुए इसे देश के विद्यार्थियों की भावनाओं का सम्मान बताया है। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक जैसी घटनाओं ने देश की शिक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर किया है। ऐसे मामलों से हताश होकर अपनी जान गंवाने वाले विद्यार्थियों के परिवारों को समुचित मुआवजा और न्याय मिलना चाहिए।
विक्की मिश्रा ने कहा कि अब समय केवल जिम्मेदारी तय करने का नहीं, बल्कि देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करने का है। उनका मानना है कि प्रत्येक बच्चे को, चाहे वह किसी भी आर्थिक वर्ग से हो, समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए सरकारी स्कूलों के भवन, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं, डिजिटल संसाधन और शिक्षकों की उपलब्धता को बेहतर बनाया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में अमीर और गरीब के बीच बढ़ती खाई को समाप्त करने के लिए एक समान शिक्षा प्रणाली लागू की जानी चाहिए। सरकार को निजी स्कूलों की व्यवस्था पर गंभीरता से विचार करते हुए ऐसी नीति बनानी चाहिए, जिससे सभी बच्चों को समान गुणवत्ता की शिक्षा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था, उसी प्रकार शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े और दूरगामी सुधारों पर राष्ट्रीय स्तर पर विचार होना चाहिए।
विक्की मिश्रा ने यह भी कहा कि शिक्षकों की नियुक्तियां पूरी तरह योग्यता आधारित, पारदर्शी और बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के होनी चाहिए। उनका कहना है कि जब तक आधारभूत शिक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, तब तक पेपर लीक, असमान अवसर और युवाओं में बढ़ती निराशा जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं होगा।
उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा सुधारों पर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा शुरू करने और ऐसी शिक्षा नीति लागू करने की मांग की, जिससे देश के हर बच्चे को समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।








