दुर्ग/अण्डा। अण्डा थाना क्षेत्र में पिछले लगभग दो वर्षों से सट्टा और जुआ की कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई थी। ऐसे में थाना अण्डा पुलिस द्वारा मोबाइल के माध्यम से संचालित कथित सट्टा कारोबार का खुलासा किए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या अब पारंपरिक सट्टे की जगह ऑनलाइन और मोबाइल आधारित सट्टा नेटवर्क ने ले ली है।
पुलिस के अनुसार, 27 जुलाई 2026 की रात मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम अण्डा के गुरुवारी बाजार के पास कल्याण और राजधानी नामक सट्टा गेम में अंकों पर रुपये का दांव लगाकर सट्टा खेला और खिलाया जा रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखकर कुछ लोग भाग निकले, जबकि एक युवक को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया।
पकड़े गए युवक की पहचान भूपेश सिन्हा (26 वर्ष), निवासी गुरुवारी बाजार, अण्डा के रूप में हुई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी ने पिछले दो-तीन महीनों से मोबाइल फोन, मैसेज, कॉल और सट्टा पर्चियों के माध्यम से कल्याण एवं राजधानी सट्टा गेम संचालित करने तथा खेलने-खिलाने की बात स्वीकार की। कथित रूप से उसे इस कार्य के बदले 7 से 10 प्रतिशत तक कमीशन भी मिलता था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन, सट्टा पर्चियां, नगद राशि तथा मोबाइल में उपलब्ध लेन-देन और बेटिंग से संबंधित स्क्रीनशॉट जब्त किए हैं। इसके बाद आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 6 के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
यह कार्रवाई केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इससे एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया है। यदि मोबाइल के माध्यम से सट्टा संचालित हो रहा था, तो क्या अण्डा थाना क्षेत्र के अन्य गांवों में भी इसी प्रकार का ऑनलाइन या मोबाइल आधारित सट्टा नेटवर्क सक्रिय है? क्योंकि मोबाइल आधारित सट्टे में किसी दुकान या सार्वजनिक अड्डे की आवश्यकता नहीं होती, जिससे इसकी गतिविधियां आसानी से नजर नहीं आतीं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि पिछले दो वर्षों में सट्टे की गतिविधियां लगभग समाप्त होने का आभास था, लेकिन इस कार्रवाई ने संकेत दिया है कि सट्टा अब नए डिजिटल स्वरूप में संचालित हो सकता है। ऐसे में पुलिस और साइबर एजेंसियों के लिए यह चुनौती होगी कि वे केवल एक मामले तक सीमित न रहकर पूरे नेटवर्क की जांच करें, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं यह संगठित गिरोह तो नहीं और इसके तार अन्य गांवों या शहरों से तो नहीं जुड़े हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। यदि जांच में मोबाइल आधारित सट्टा नेटवर्क के व्यापक प्रमाण मिलते हैं, तो आने वाले दिनों में अण्डा सहित आसपास के क्षेत्रों में और भी बड़ी कार्रवाई होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।








