Dhaara News

दुर्ग अफीम कांड: चार साल पहले शुरू हुआ था नेटवर्क, जांच में विनायक ताम्रकार को बताया जा रहा मास्टरमाइंड

 

दुर्ग। बहुचर्चित दुर्ग अफीम कांड में जांच आगे बढ़ने के साथ कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ रही हैं। प्रमुख समाचार पत्र दैनिक भास्कर में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, जांच के दौरान सामने आए कथित बयानों में यह दावा किया गया है कि इस अवैध कारोबार की शुरुआत लगभग चार वर्ष पहले हुई थी। जांच में पूर्व भाजपा नेता विनायक ताम्रकार को पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड बताया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, विनायक ताम्रकार ने कथित रूप से मध्यप्रदेश के नीमच से अफीम के बीज मंगवाकर खेती शुरू कराई। जांच में शामिल लोगों के कथित बयानों के आधार पर यह भी दावा किया गया है कि खेती के लिए जमीन की व्यवस्था, बीज उपलब्ध कराना, सिंचाई और अन्य संसाधनों की जिम्मेदारी भी उसी के स्तर से तय की जाती थी।

बताया गया है कि प्रारंभिक सफलता के बाद खेती का दायरा बढ़ाया गया और कई लोगों को इस अवैध नेटवर्क से जोड़ा गया। जांच एजेंसियों के समक्ष दिए गए कथित बयानों में यह भी सामने आया है कि अफीम की खेती से लेकर तैयार माल की बिक्री तक की पूरी प्रक्रिया संगठित तरीके से संचालित की जाती थी।

रिपोर्ट के अनुसार, कुछ आरोपियों ने कथित रूप से स्वीकार किया है कि उन्हें खेती करने, फसल तैयार करने तथा अफीम के डोडे की बिक्री के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं। जांच में यह भी दावा किया गया है कि तैयार माल को बेचने के लिए बाहरी राज्यों से संपर्क बनाए गए थे।

इसी बीच, मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों में से दो आरोपियों को हाईकोर्ट से तकनीकी आधार पर जमानत मिलने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, इससे मुख्य प्रकरण की जांच प्रभावित नहीं हुई है और पुलिस शेष आरोपियों के विरुद्ध विवेचना जारी रखे हुए है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपियों के कथित बयानों, जब्त साक्ष्यों और अन्य तकनीकी प्रमाणों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

Dhaara News
Author: Dhaara News

Leave a Comment