रिसाली। रिसाली नगर निगम क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की लगातार इसी महीने दूसरी मौजूदगी को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। आगामी 22 अगस्त को वे मां शीतला कल्याणी मंदिर पहुंचकर माता का आशीर्वाद लेंगे। इसी अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जन्मदिन भव्य रूप से मनाने की तैयारी शुरू कर दी है। आयोजकों का दावा है कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ जुटने की संभावना है।
राजनीतिक दृष्टि से यह आयोजन काफी अहम माना जा रहा है। रिसाली क्षेत्र में भाजपा का विधायक है, जबकि नगर निगम की महापौर कांग्रेस से हैं। इसके अलावा कई वार्ड भाजपा बहुल माने जाते हैं। ऐसे में भाजपा के प्रभाव वाले इलाके में भूपेश बघेल की लगातार सक्रियता को कांग्रेस के कार्यकर्ता संगठनात्मक मजबूती और आगामी नगर निगम चुनाव की तैयारी के रूप में देख रहे हैं।
कांग्रेस के स्थानीय नेताओं का मानना है कि यह केवल जन्मदिन समारोह नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं का शक्ति प्रदर्शन भी साबित हो सकता है। पार्टी के कई कार्यकर्ता आगामी रिसाली नगर निगम चुनाव को भूपेश बघेल के नेतृत्व और मार्गदर्शन में लड़ने की बात खुलकर कह रहे हैं। इस लिहाज से कार्यक्रम में संभावित उम्मीदवारों और स्थानीय नेताओं की बड़ी मौजूदगी भी राजनीतिक संदेश दे सकती है।
कांग्रेस के सामने हालांकि चुनौतियां भी कम नहीं हैं। वर्तमान महापौर कांग्रेस से हैं, लेकिन इस बार महापौर पद अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित हो गया है। ऐसे में पार्टी के सामने न केवल नया चेहरा चुनने, बल्कि नगर निगम पर अपना कब्जा बरकरार रखने की बड़ी चुनौती है। अंदर खाने से खबर सामने आ रही है कि भाजपा के कई नाराज कार्यकर्ता कांग्रेस का हाथ थाम सकते हैं परंतु वर्तमान में इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है।
मां शीतला कल्याणी मंदिर का भी क्षेत्र की राजनीति और जनभावनाओं में विशेष महत्व है। कांग्रेस शासनकाल में मंदिर परिसर के विकास और भव्यता में बढ़ोतरी हुई थी, जिसे पार्टी के नेता अपने कार्यकाल की उपलब्धियों में गिनते हैं। ऐसे में मंदिर में दर्शन और उसके बाद जन्मदिन समारोह को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए नई ऊर्जा देने वाला आयोजन माना जा रहा है।
अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि भूपेश बघेल की यह मौजूदगी रिसाली में कांग्रेस संगठन को कितना मजबूत करती है। क्या यह कार्यक्रम पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी को खत्म कर कार्यकर्ताओं को एकजुट करेगा, या फिर चुनावी टिकट की दावेदारी के साथ नए राजनीतिक समीकरण सामने आएंगे। भारी भीड़ की संभावना के बीच 22 अगस्त का यह आयोजन रिसाली की आगामी नगर निगम राजनीति की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण शक्ति प्रदर्शन साबित हो सकता है।







