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आरक्षक भर्ती में नौकरी लगाने के नाम पर 12 लाख की ठगी का आरोप, उतई थाने में मामला दर्ज

 

दुर्ग/सेलूद। पुलिस आरक्षक भर्ती में नौकरी लगाने का झांसा देकर 12 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। ग्राम सेलूद निवासी गैंदलाल बंछोर की शिकायत पर उतई पुलिस ने उमेश दास मानिकपुरी के खिलाफ प्रथम दृष्टया धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

शिकायत के अनुसार, गैंदलाल बंछोर का ससुराल रायपुर के सुखराम नगर गोगांव में है। वहां आने-जाने के दौरान उनका परिचय उमेश दास मानिकपुरी से हुआ। आरोप है कि उमेश ने वर्ष 2023 की पुलिस आरक्षक भर्ती में उनके बेटे विकास बंछोर को नौकरी लगवाने की बात कहकर विश्वास में लिया और इसके एवज में पहले 14 लाख रुपये की मांग की। रकम अधिक होने पर कथित तौर पर 12 लाख रुपये में नौकरी लगवाने की बात तय हुई।

चेक से 11 लाख और एक लाख नकद देने का दावा

शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने अपने बैंक खाते से दो चेक दिए। इनमें 21 अगस्त 2024 का 5 लाख रुपये का चेक और 5 नवंबर 2024 का 6 लाख रुपये का चेक शामिल है। इसके अलावा 5 नवंबर 2024 को ही एक लाख रुपये नकद दिए जाने का दावा किया गया है। शिकायत के साथ बैंक स्टेटमेंट भी संलग्न किया गया है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि पूरी रकम लेने के बावजूद उमेश दास मानिकपुरी ने उनके बेटे को पुलिस विभाग में नौकरी नहीं लगवाई। लंबे समय तक नौकरी नहीं लगने पर जब रकम वापस मांगी गई तो कथित तौर पर बार-बार आश्वासन दिया जाता रहा कि नौकरी लग जाएगी। बाद में मोबाइल बंद कर दिए जाने और रकम वापस करने में टालमटोल करने का आरोप भी शिकायत में लगाया गया है।

मकान और जमीन बेचकर रकम लौटाने का दिया आश्वासन

गैंदलाल के अनुसार, रकम वापस मांगने पर आरोपी ने रायपुर के गोगांव स्थित मकान और बेमेतरा जिले के अतरिया स्थित जमीन बेचकर पैसे लौटाने की बात कही, लेकिन शिकायत दर्ज होने तक रकम वापस नहीं की गई।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि सेक्टर-10 भिलाई निवासी एक अन्य व्यक्ति से भी रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर 11 लाख रुपये लिए गए हैं। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस ने शुरू की जांच

शिकायत आवेदन और उपलब्ध दस्तावेजों के अवलोकन के बाद उतई पुलिस ने प्रथम दृष्टया अपराध घटित होना पाए जाने पर धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। अब पुलिस बैंक लेन-देन, चेक, मोबाइल संपर्क, भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों और आरोपी द्वारा दिए गए कथित आश्वासनों की जांच करेगी

आरक्षक भर्ती में नौकरी लगाने के नाम पर इतनी बड़ी रकम लेने के आरोप ने पुलिस भर्ती प्रक्रिया में दलालों और नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले लोगों की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता का खुलासा हो सकेगा।

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Author: Dhaara News

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