Gold Price: भारत में सोने की कीमतों पर लगातार बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को भी घरेलू वायदा बाजार में सोने के भाव कमजोर रहे और यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र रहा जब कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के संकेतों पर है, क्योंकि ब्याज दरों की दिशा का असर डॉलर, बॉन्ड यील्ड और सोने की मांग पर पड़ सकता है।
MCX पर एक दिन में करीब 900 रुपए सस्ता हुआ सोना
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना शुक्रवार को 896 रुपए यानी 0.56 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,58,100 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान इसमें कमजोरी और बढ़ी तथा कीमत 1,57,911 रुपए प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे निचले स्तर तक चली गई।चार कारोबारी सत्रों का आंकड़ा देखें तो तस्वीर और स्पष्ट हो जाती है। इस अवधि में सोने का भाव कुल 5,318 रुपए यानी 3.25 प्रतिशत नीचे आ चुका है। लगातार गिरावट से संकेत मिल रहा है कि ऊंचे स्तरों पर निवेशकों की बिकवाली अभी थमी नहीं है।
अमेरिकी फेड के संकेतों पर टिकी बाजार की नजर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने पर दबाव बना हुआ है। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के जैक्सन होल संगोष्ठी में दिए जाने वाले संकेतों का इंतजार कर रहे थे। खास तौर पर बाजार यह समझने की कोशिश कर रहा है कि आने वाले समय में अमेरिका की ब्याज दरों को लेकर केंद्रीय बैंक का रुख कैसा रह सकता है।ब्याज दरों में बदलाव की संभावना सोने के लिए महत्वपूर्ण होती है। इसके साथ डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में होने वाले उतार-चढ़ाव का भी सोने की कीमतों पर सीधा असर पड़ता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमजोर पड़ा Gold
हफ्ते की शुरुआत में तीन महीने से अधिक के ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद स्पॉट गोल्ड में भी मुनाफावसूली देखने को मिली। इसकी कीमत 0.5 प्रतिशत घटकर 4,576.30 डॉलर प्रति औंस रह गई। वहीं अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स करीब 0.8 प्रतिशत टूटकर 4,629 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहे थे।विशेषज्ञों के मुताबिक हालिया कमजोरी को सप्ताह की शुरुआत में आई तेजी के बाद की सामान्य बिकवाली के तौर पर भी देखा जा रहा है। बाजार फिलहाल यह आंकलन कर रहा है कि अमेरिकी मौद्रिक नीति में संभावित बदलाव से डॉलर, बॉन्ड यील्ड और सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग किस दिशा में जाएगी।
अब इन स्तरों पर तय होगी सोने की अगली चाल
तकनीकी विश्लेषण के लिहाज से सोने के लिए कुछ महत्वपूर्ण स्तर सामने आए हैं। 1,59,500 से 1,60,000 रुपए का क्षेत्र तत्काल रेजिस्टेंस माना जा रहा है। इसके ऊपर मजबूती मिलने पर 1,62,000 से 1,62,500 रुपए का अगला महत्वपूर्ण स्तर हो सकता है।वहीं नीचे की तरफ 1,57,600 से 1,57,000 रुपए का क्षेत्र तत्काल सपोर्ट के तौर पर देखा जा रहा है। अगर यह स्तर भी टूटता है तो 1,55,500 से 1,55,000 रुपए का अगला सपोर्ट जोन महत्वपूर्ण हो सकता है।RSI 60.93 के स्तर पर अभी भी पॉजिटिव जोन में बना हुआ है, हालांकि यह ओवरबॉट क्षेत्र से तेजी से नीचे आया है। तकनीकी संकेतों के मुताबिक इसका मतलब तेजी की गति कमजोर पड़ने की ओर इशारा कर सकता है।
सोना खरीदने वालों के लिए अभी क्या समझना जरूरी है
लगातार चार सत्रों की गिरावट के बावजूद बाजार में पूरी तरह मंदी की तस्वीर मान लेना जल्दबाजी होगी। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय संकेत, अमेरिकी ब्याज दरों की दिशा, डॉलर की चाल और बॉन्ड यील्ड सोने के अगले रुख के लिए अहम रहेंगे। ऐसे में निवेशकों के लिए केवल एक दिन की गिरावट देखकर फैसला लेने के बजाय प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों के साथ वैश्विक संकेतों पर नजर रखना ज्यादा महत्वपूर्ण होगा।







