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छत्तीसगढ़ में अफीम कांड: समोदा-झेझरी खेत में करोड़ों की अफीम बरामद, कलेक्टर अभिजीत सिंह मौके पर, बड़े नामों के खुलासे की आशंका


दुर्ग जिले में अवैध अफीम की खेती का मामला और गहराता जा रहा है। नई जानकारी के अनुसार, कलेक्टर अभिजीत सिंह खुद मौके पर पहुंचे, और पूरा जिला प्रशासन की टीम मौजूद रही। यह घटना ग्राम झेझरी (समोदा के निकट) के एक खेत में हुई है, जहां अफीम की खेती मक्का (भुट्टा) की फसल के बीच छिपाकर की जा रही थी।
अपडेटेड घटना विवरण (ताजा जानकारी के आधार पर)
खेती का पैमाना: राजस्व विभाग और FSL टीम की जांच में 9 एकड़ से अधिक जमीन पर मिश्रित रूप से अफीम और मक्का की खेती पाई गई। शुरुआती अनुमान 1-1.5 एकड़ था, लेकिन ड्रोन सर्वे और मौके का निरीक्षण करने पर यह आंकड़ा बढ़कर 9 एकड़ तक पहुंचा।


प्रशासनिक कार्रवाई:
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और कहा कि कड़ी कार्रवाई होगी तथा आरोपियों को सजा दिलाई जाएगी।
FSL टीम ने मौका-ए-वारदात का निरीक्षण किया।
राजस्व विभाग की टीम ने खेत का मापन किया और दो संयुक्त जमीन मालिकों (मधुमति ताम्रकार और प्रीतिबाला ताम्रकार के नाम दर्ज) को नोटिस जारी किया गया।
ड्रोन सर्वे किया गया; रात होने के कारण कार्रवाई कल भी जारी रहेगी।
गिरफ्तारी और पूछताछ:
कड़ी पूछताछ के लिए 2 से 3 लोगों को गिरफ्तार/हिरासत में लिया गया है।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज।


भाजपा नेता विनायक ताम्रकार का नाम:
प्रथम दृष्टया विनायक ताम्रकार (भाजपा से जुड़े) का नाम सामने आया है। खेत में उनके द्वारा लाइट कनेक्शन और ड्रिप सिंचाई सिस्टम दिए जाने की बात कही जा रही है।
विनायक ताम्रकार ने इसे राजनीतिक द्वेष बताया और कहा कि यह जानकारी उन्हें पहली बार मिली है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने खेत किसी अन्य को खेती के लिए दिया था और उनके खेत में चने की फसल है।
ग्रामीणों का कहना है कि जमीनों पर उनके परिवार का कब्जा होने और दबंगई के कारण पहुंचना मुश्किल था, लेकिन किसी ने जैसे-तैसे देख लिया। यहां तक पहुंचने का कोई परमिशन नहीं था, जिससे अवैध खेती आसान हो गई।
अन्य गंभीर पहलू:
राजस्व विभाग के अधिकारियों ने दबी जुबान में माना कि चरागाह की जमीन दबी हुई है, इसकी जांच कराई जाएगी।
पुलिस-प्रशासन और मीडिया को सहयोग करने वाले ग्रामीण नीरज निषाद के साथ मारपीट की घटना भी सामने आई है।
स्थानीय पुलिस, पटवारी, आरआई से लेकर प्रशासन पर संदेह गहरा रहा है कि इतने बड़े पैमाने पर खेती कैसे हो रही थी।
यह मामला अब संगीन रूप ले चुका है। अफीम की खेती का दृश्य सामने आने से प्रशासन, सरकार और स्थानीय अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। जांच जारी है और बड़े नामों के सामने आने की आशंका जताई जा रही है।

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Author: dhaaranews

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