Dhaara News

BSP ऑफिसर एसोसिएशन के अध्यक्ष एन के बंछोर की उपलब्धियां ही पूंजी, जो बनेगी जीत की कुंजी!!!

  • लगातार प्रेसीडेंट रहने से एनके बंछोर ने कई लंबित मुद्दों को सुलझाए
  • ओए चुनाव में चार कार्यकाल की उपलब्धियों को बताकर ही बंछोर व उनके समर्थक मांग रहे समर्थन
  • इस बार भी अच्छा समर्थन मिलने की उम्मीद

बीएसपी आफिसर्स एसोसिएशन के प्रेसीडेंट पद के लिए चुनाव लड़ रहे एनके बंछोर विगत 18 वषों से एसोसिएशन के विभिन्न पदों पर रहे हैं। पिछले चार चुनाव में वे प्रेसीडेंट चुने गए। इसके चलते अफसरों के लंबित मुद्दों को भी सफलता मिली। इसमें 11 माह पर्क्स का एरियर दिलाना विशेष है जिसे डूबत खाते में जाता हुआ मान लिया गया था। बंछोर समर्थक कहते हैं कि उनके लगातार प्रेसीडेंट के रूप में कार्यकाल के चलते इस्पात मंत्रालय के अफसरों, इस्पात मंत्रियों व कॉर्पोरेट आफिस के अफसरों से सतत संपर्क बना। आपस में अच्छा तालमेल बनने से सभी मुद्दे क्रमशः सुलझते गए। उनके समर्थक मानते हैं कि उनके चार कार्यकाल की उपलब्धियों का लेखा जोखा ही अफसरों को पांचवीं बार उन्हें सपोर्ट करने के लिए बाध्य करेगा। बंछोर और उनके समर्थक चार बार के कार्यकाल की उपलब्धियों को ही अफसरों को बताकर उनसे सपो्ट मांग रहे हैं।

यहां प्रस्तुत है उनके चारों कार्यकाल की उपलब्धियां।

वर्ष 2015-17 में यह मुद्द सुलझाए
इंट्री लेवल स्केल एक बड़ा मुद्दा था। 1 मई 2017 को इंट्री लेवल स्केल के उन्नयन का आदेश हुआ। दूसरे वेज रिविजन में ई1 स्केल 50 हजार रु. की जगह 60 हजार तथा ई 2 स्केल 60 हजार रु. की जगह 70 हजार हुआ। जेओ बैच 2008-10 के तहत वेतन विसंगतियों का समाधान हुआ। 11 माह के पर्क्स का कैट केस भी जीता। ग्रुप इंश्योरेंस पालिसी प्रारंभ की गईं। ओए बिल्डिंग का रिनोवेशन कराया।

वर्ष 2018-21 में यह सफलताएं मिली
सेल पेंशन स्कीम को लागू कराना एक बड़ा मुद्दा था। इस्पात मंत्रालय ने 7 फरवरी 2019 को पेंशन योजना के रोड मैप को मंजूरी दे दी। सेल मैनेजमैंट ने 14 सदस्यो वाला पेशन ट्रस्ट बनाया। समान ड्रेस कोड की मांग भी पूरी की  कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर 35 डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए आदेश जारी हुआ। सेक्टर 9 हास्पिटल के ब्लड बैंक के निलंबन आदेश को रद्द कराया। सेफी एनसीओए में शामिल हो गई और एनसीओए नेईपीएस 95 विस्तारित पेंशन के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।

वर्ष 2021-23 में यह बड़े मसले सुलझे

सम्मानजनक पे रिवीजन लागू करने का दबाव बनाया जिसका नतीजा यह हुआ कि तीसरे पे रिविजन में 15 प्रतिशत एमजीबी ‘व 35 प्रतिशत पर्क्स देने इस्पात मंत्रालय व मैनेजमेंट मजबूर हुआ। इसके चलते सभी महारत्न की तुलना में सर्वोत्तम पे स्केल मिला। सेल पेशन स्कीम की राशि भी अफसरों के पेशन खाते में डलवाने में सफलता मिली। डासा भत्ता हटाने पर इसकी क्षतिपर्ति अन्य मदों से कराया। वित्त वर्ष 202 1-22 में अफसरों को सर्वोत्तम पीआरपी मिला। जे.ओ. बैच 2008 व 2010 के पे एनामली का स्थायी समाधान कर पे फिक्सेशन कराया।

वर्ष 2023-25 में बकाया पर्क्स एरियर दिलाया
11 माह के बकाया पर्क्स का एरियर 309.48 करोड़ दिलाना इस कार्यकाल की बड़ी उपलब्धि रही।यह ओए-सेफी की 15 वर्षों की लंबी लड़ाई का नतीजा था। सेल पेंशन स्कीम की राशि अफसरों के खाते में पहुंचना शुरु हुआ। सेल के 28 ‘वरिष्ठ अफसरों का निलंबन वापस कराया। मोबाइल का रिएंबर्समेंट राशि बढ़ाई, नाइट शिफ्ट इंसीडेंटल एक्सपंसेस भी बढ़ा। ओए ने टाउनशिप ने कब्जा को रोकने कासार्थक प्रयास किया।

dhaaranews
Author: dhaaranews

Leave a Comment