Dhaara News

लोकसभा सीट बढ़ाने वाला बिल गिरा, संसद में सियासी घमासान तेज

नई दिल्ली : में संसद के भीतर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है, जहां लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने से जुड़ा संविधान का 131वां संशोधन बिल पास नहीं हो सका। इस बिल के लिए जरूरी दो तिहाई बहुमत नहीं मिल पाने के कारण यह प्रस्ताव गिर गया। 54 वोट से अटका फैसला, दक्षिण भारत से शुरू हुआ विरोध निर्णायक बना बिल को पास कराने के लिए 352 वोट की जरूरत थी, लेकिन सरकार इससे 54 वोट पीछे रह गई। शुरुआत से ही दक्षिण भारत के कई नेताओं ने इस प्रस्ताव का विरोध किया था, जो अंत में निर्णायक साबित हुआ। 12 साल में पहली बार सरकार को झटका, नहीं पास करा सकी कोई बिल केंद्र में लंबे समय से सत्ता में रहने के बाद यह पहला मौका माना जा रहा है, जब सरकार संसद में कोई अहम विधेयक पारित नहीं करा पाई। इससे राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। पीएम और गृह मंत्री की अपील भी बेअसर, विपक्ष ने नहीं दिया साथ वोटिंग से पहले प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री ने विपक्ष से समर्थन की अपील की थी, लेकिन इसका असर नहीं दिखा और विपक्ष ने बिल के खिलाफ रुख बनाए रखा। स्टालिन का बड़ा बयान, दक्षिण भारत की एकजुटता का दावा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तमिलनाडु ने दिल्ली को हरा दिया है। उन्होंने इसे दक्षिण भारत की एकजुटता और लोकतांत्रिक जीत बताया। बीजेपी और कांग्रेस आमने सामने, आरोप प्रत्यारोप तेज बिल गिरने के बाद कांग्रेस ने इसे संविधान की रक्षा की जीत बताया, जबकि भाजपा ने कांग्रेस पर महिला विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाया। दोनों दलों के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली। महिला आरक्षण कानून पर स्थिति स्पष्ट, 2034 से मिलेगा लाभ महिला आरक्षण से जुड़ा कानून पहले ही पारित और अधिसूचित किया जा चुका है। हालांकि इसका वास्तविक लाभ महिलाओं को 2034 के लोकसभा चुनाव से मिलने की संभावना जताई जा रही है। आगे क्या होगा, सियासी रणनीति पर टिकी नजरें अब इस घटनाक्रम के बाद यह देखना अहम होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या नई रणनीति अपनाती है और क्या भविष्य में इसे फिर से संसद में लाने की कोशिश की जाएगी।
Dhaara News
Author: Dhaara News

Leave a Comment