महाराजा चौक से बोरसी चौक तक प्रस्तावित 80 फीट सड़क चौड़ीकरण परियोजना के बीच 25 फीट चौड़ा सर्विस रोड अतिक्रमण की भेंट चढ़ता जा रहा है। क्षेत्र के रहवासियों का आरोप है कि नगर तथा ग्राम निवेश विभाग द्वारा अनुमोदित ले-आउट में स्पष्ट रूप से दर्शाए गए सर्विस रोड पर वर्षों से अवैध कब्जा बना हुआ है, लेकिन प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार राजस्व अभिलेखों में सड़क के दोनों ओर कच्चा सर्विस रोड दर्ज था, परंतु लगातार हुए अतिक्रमण के कारण अब केवल एक तरफ संकरा मार्ग ही बचा है। परिणामस्वरूप तालाब के नीचे बसे लगभग 1000 लोगों के लिए सुरक्षित आवागमन मुश्किल हो गया है और आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
रहवासियों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के तहत तालाब की विपरीत दिशा में रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन उसके नीचे प्रस्तावित 25 फीट चौड़े सर्विस रोड को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में कोई पहल नहीं की जा रही है। इससे यह आशंका और बढ़ गई है कि भविष्य में भी क्षेत्रवासियों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध नहीं हो पाएगा।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों के सामने चुप्पी क्यों साध रखी है? कई बार दुर्घटनाएं होने और लगातार शिकायतों के बावजूद अब तक न तो सीमांकन हुआ और न ही अतिक्रमण हटाने की कोई ठोस कार्रवाई दिखाई दी है।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि मंत्री, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को लगातार ज्ञापन और पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया गया है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी व्याप्त है।
इसी मुद्दे को लेकर रहवासियों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और तत्काल अतिक्रमण हटाकर दोनों ओर 25 फीट चौड़ा सर्विस रोड उपलब्ध कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा तथा न्यायालय की शरण ली जाएगी।
रहवासियों का सीधा सवाल — जब ले-आउट में सर्विस रोड स्वीकृत है तो फिर उस पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं? और आखिर 1000 लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ कब तक?








