धारा न्यूज डॉट कॉम | दुर्ग : जिले के ग्राम नगपुरा स्थित पीएम श्री स्कूल में संचालित मध्यान्ह भोजन योजना एक बार फिर विवादों में आ गई है। आज 22 जुलाई 2026 को ग्राम पंचायत नगपुरा के सरपंच, पंचायत प्रतिनिधियों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, अन्नपूर्णा स्व-सहायता समूह के सदस्यों तथा ग्रामीणों की उपस्थिति में मध्यान्ह भोजन संचालन का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अन्नपूर्णा स्व-सहायता समूह के पास 30 कट्टा सरकारी चावल रखा मिला, जिसके संबंध में पंचायत ने पंचनामा तैयार किया।
पंचनामा में उल्लेख किया गया है कि शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए अभी तक नया चावल आवंटित नहीं हुआ है। इसके बावजूद विद्यालय परिसर में 30 कट्टा सरकारी चावल रखे जाने पर पंचायत ने संदेह व्यक्त किया है। पंचायत ने निर्णय लिया है कि उक्त चावल को पुलिस के सुपुर्द कर वैधानिक जांच कराई जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि अप्रैल माह से नया आवंटन नहीं हुआ, तो फिर यह 30 कट्टा सरकारी चावल कहां से आया? ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए यह जांच आवश्यक है कि बच्चों को किस स्टॉक का भोजन परोसा जा रहा था और सरकारी खाद्यान्न का रिकॉर्ड नियमानुसार संधारित किया गया या नहीं।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि संबंधित अन्नपूर्णा स्व-सहायता समूह के कार्यों को लेकर पूर्व में भी शिकायतें की जा चुकी हैं। बताया जा रहा है कि समूह से जुड़ा एक मामला न्यायालय में विचाराधीन है। वहीं, शिक्षा विभाग भी पूरे मामले की जांच कर अपना प्रतिवेदन तैयार कर रहा है।
हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि 30 कट्टा चावल का भंडारण वास्तव में अवैध था या नहीं, इसका अंतिम निर्णय पुलिस जांच, शिक्षा विभाग की रिपोर्ट और सक्षम प्राधिकारी की वैधानिक कार्रवाई के बाद ही होगा। फिलहाल पंचायत द्वारा पंचनामा तैयार कर पुलिस को चावल सौंपने के निर्णय से मामला चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।








