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Health Breaking: क्या आप भी पनीर के शौकीन हैं? तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है!

 

एनालॉग पनीर को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार सख्त, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश के बाद जांच अभियान तेज

रायपुर। अगर आप होटल, रेस्टोरेंट या बाजार से अक्सर पनीर खरीदकर खाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ में इन दिनों एनालॉग पनीर को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने राज्यभर में जांच अभियान शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को असली पनीर के नाम पर कम गुणवत्ता वाला या गलत लेबलिंग वाला उत्पाद बेचने पर रोक लगाना है।

आखिर क्या है एनालॉग पनीर?

एनालॉग पनीर देखने में बिल्कुल सामान्य पनीर जैसा लगता है, लेकिन यह पूरी तरह दूध से तैयार नहीं होता। इसे बनाने में कई बार दूध की जगह या उसके साथ वनस्पति वसा (पाम ऑयल), स्टार्च और अन्य खाद्य पदार्थों का उपयोग किया जाता है। इसकी लागत कम होने के कारण कुछ कारोबारी इसे असली पनीर बताकर बेच देते हैं।

सरकार क्यों हुई सख्त?

स्वास्थ्य विभाग को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कई जगहों पर ग्राहकों को बिना जानकारी दिए एनालॉग पनीर परोसा या बेचा जा रहा है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त न किया जाए।

 क्या एनालॉग पनीर पूरी तरह प्रतिबंधित है?

महत्वपूर्ण बात यह है कि एनालॉग पनीर को पूरी तरह प्रतिबंधित घोषित नहीं किया गया है। यदि यह निर्धारित खाद्य मानकों के अनुसार बनाया गया है और इसे स्पष्ट रूप से “एनालॉग पनीर” के नाम से बेचा जा रहा है, तो इसकी बिक्री की जा सकती है। लेकिन इसे सामान्य दूध से बने पनीर के नाम पर बेचना या उपभोक्ता से जानकारी छिपाना नियमों के विरुद्ध है, जिस पर कार्रवाई की जा रही है।

ऐसे करें असली और एनालॉग पनीर की पहचान

– खरीदते समय पैकेट का लेबल अवश्य पढ़ें।

– बहुत कम कीमत वाले पनीर से सतर्क रहें।

– विश्वसनीय डेयरी या ब्रांड से ही खरीदारी करें।

– होटल या रेस्टोरेंट में आवश्यकता हो तो पूछें कि परोसा जा रहा पनीर दूध से बना है या एनालॉग।

उपभोक्ताओं के लिए संदेश

विशेषज्ञों का कहना है कि भोजन की गुणवत्ता और पारदर्शिता हर उपभोक्ता का अधिकार है। इसलिए केवल कीमत देखकर नहीं, बल्कि उत्पाद की गुणवत्ता और लेबल की जानकारी देखकर ही पनीर खरीदें।

अब सवाल यह है कि आपकी थाली में जो पनीर पहुंच रहा है, वह असली है या एनालॉग? अगली बार पनीर खरीदने या खाने से पहले एक बार जरूर जांच लें।

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Author: Dhaara News

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