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सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, चांदी ₹16,503 और सोना ₹4,796 हुआ सस्ता

 

हैदराबाद: त्योहारों के मौसम में सोने और चांदी के आभूषण खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय सर्राफा बाजार में इस सप्ताह दोनों कीमती धातुओं के भाव में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की कीमत एक सप्ताह में 16,503 रुपये प्रति किलो घट गई। वहीं, 24 कैरेट सोना भी 4,796 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया।

कीमतों में आई इस नरमी से दिवाली और धनतेरस पर खरीदारी करने वाले ग्राहकों को फायदा मिल सकता है। हालांकि, बाजार में आगे कीमतों की चाल वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और निवेशकों के रुझान पर निर्भर करेगी।

एक सप्ताह में कितना सस्ता हुआ सोना और चांदी?

सर्राफा बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 17 अक्टूबर को 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.46 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था। सप्ताह के दौरान इसमें 4,796 रुपये की गिरावट आई और कीमत घटकर लगभग 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई।

चांदी की कीमतों में इससे भी अधिक गिरावट देखने को मिली। पिछले सप्ताह करीब 2.11 लाख रुपये प्रति किलो पर रहने वाली चांदी 16,503 रुपये टूटकर लगभग 1.94 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। कीमतों में आई इस कमी ने खरीदारों को राहत दी है।

सितंबर में भी गिरे थे सोने और चांदी के भाव

कीमती धातुओं की कीमतों में नरमी का सिलसिला पिछले महीने भी जारी रहा था। सितंबर के दौरान सोने और चांदी, दोनों के भाव में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी।

आंकड़ों के मुताबिक, 31 अगस्त को सोने की कीमत करीब 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो 30 सितंबर तक घटकर लगभग 1.48 लाख रुपये रह गई। इस अवधि में सोना करीब 8,000 रुपये सस्ता हुआ। दूसरी ओर, चांदी का भाव 2.37 लाख रुपये प्रति किलो से गिरकर लगभग 2.22 लाख रुपये पर आ गया था। इस तरह सितंबर में चांदी की कीमत करीब 15,000 रुपये प्रति किलो कम हुई।

आगे और गिरेंगे दाम या फिर आएगी तेजी?

सोने और चांदी की अगली चाल को लेकर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति, प्रमुख केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियां और भू-राजनीतिक तनाव इन धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।

ब्याज दरों में बढ़ोतरी से आमतौर पर सोने की मांग पर दबाव पड़ सकता है, क्योंकि सोना अपने आप में ब्याज नहीं देता। इसके उलट, वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने की ओर रुख कर सकते हैं। इससे कीमतों को सहारा मिल सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय अपनी जरूरत, निवेश की अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना चाहिए। कीमतों में गिरावट खरीदारी का अवसर हो सकती है, लेकिन इससे भविष्य में मुनाफा होने की गारंटी नहीं मिलती।

सोना खरीदने से पहले इन दो बातों का रखें ध्यान

1. BIS हॉलमार्क और HUID की जांच करें

सोने के आभूषण खरीदते समय उसकी शुद्धता की पुष्टि करना बेहद जरूरी है। इसके लिए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का हॉलमार्क और छह अंकों वाला हॉलमार्क विशिष्ट पहचान नंबर (HUID) जांचें। HUID एक विशिष्ट अल्फान्यूमेरिक कोड होता है, जिसके जरिए आभूषण की पहचान और हॉलमार्क संबंधी जानकारी की पुष्टि की जा सकती है। केवल दुकानदार के दावे पर भरोसा करने के बजाय हॉलमार्क की प्रामाणिकता भी जांचें।

2. खरीदारी से पहले बाजार भाव की तुलना करें

आभूषण खरीदने के लिए दुकान पर जाने से पहले IBJA की वेबसाइट पर उपलब्ध संबंधित दिन के सोने और चांदी के भाव देख लें। ध्यान रखें कि 24, 22 और 18 कैरेट सोने की कीमतें अलग-अलग होती हैं। इसके अलावा, आभूषण की अंतिम कीमत में मेकिंग चार्ज और लागू कर भी शामिल हो सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले प्रति ग्राम भाव, शुद्धता, मेकिंग चार्ज और कुल बिल की तुलना जरूर करें।

त्योहारी खरीदारी में समझदारी जरूरी

सोने और चांदी की कीमतों में आई ताजा गिरावट से त्योहारों के दौरान खरीदारी करने वालों को राहत मिल सकती है। हालांकि, बाजार के रुझान में बदलाव संभव है। ऐसे में खरीदारी से पहले ताजा भाव की पुष्टि करना और आभूषण की शुद्धता जांचना सबसे बेहतर तरीका है।

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Author: Dhaara News

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