दुर्ग। पूर्व गृह मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता ताम्रध्वज साहू के जन्मदिन पर सामने आई एक तस्वीर आज पूरे दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही इस तस्वीर में ताम्रध्वज साहू, दुर्ग ग्रामीण की पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर को अपने हाथों से केक खिलाते नजर आ रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इस तस्वीर के कई मायने निकाले जा रहे हैं।

यह तस्वीर इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने पहले प्रतिमा चंद्राकर का टिकट लगभग तय कर सूची जारी की थी, लेकिन अंतिम समय में टिकट बदलकर तत्कालीन सांसद ताम्रध्वज साहू को उम्मीदवार बनाया गया। उस निर्णय ने उस समय क्षेत्र की राजनीति में बड़ा संदेश दिया था।
उसी दौर में निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे केशव बंटी हरमुख भी काफी चर्चा में रहे। टिकट बदलने के बाद उन्होंने ताम्रध्वज साहू से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया और चुनाव मैदान से हटने का निर्णय लिया। बाद में ताम्रध्वज साहू की सरकार बनने पर उन्हें कैबिनेट में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली, जबकि आगे चलकर केशव बंटी हरमुख को श्रम कल्याण मंडल का उपाध्यक्ष बनाया गया।
अब वर्षों बाद ताम्रध्वज साहू और प्रतिमा चंद्राकर की यह आत्मीय तस्वीर ऐसे समय सामने आई है, जब रिसाली नगर निगम चुनाव की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। जन्मदिन कार्यक्रम में टिकट के संभावित दावेदारों की मौजूदगी ने भी चर्चाओं को और हवा दे दी है।
राजनीतिक विश्लेषक इस तस्वीर को अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। कोई इसे कांग्रेस के भीतर एकजुटता का संदेश मान रहा है तो कोई इसे आने वाले चुनावों से पहले बदलते राजनीतिक समीकरणों का संकेत बता रहा है। हालांकि तस्वीर के पीछे की वास्तविक राजनीतिक रणनीति क्या है, यह आने वाला समय ही बताएगा।
फिलहाल इतना तय है कि एक तस्वीर ने दुर्ग जिले की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। राजनीति में अक्सर कहा जाता है कि “यहां स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं, केवल परिस्थितियां और समीकरण स्थायी होते हैं।” सोशल मीडिया पर वायरल हो रही यह तस्वीर भी फिलहाल इसी कहावत को लेकर चर्चाओं के केंद्र में है।
(नोट: यह समाचार सार्वजनिक रूप से वायरल तस्वीर और क्षेत्र में चल रही राजनीतिक चर्चाओं पर आधारित है। तस्वीर से किसी राजनीतिक निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की जा सकती।)








