70.11 लाख रुपये में हुआ था जमीन का सौदा, चेक बाउंस होने और बकाया राशि नहीं लौटाने की शिकायत
दुर्ग। जमीन खरीदी-बिक्री के कारोबार से जुड़े एक मामले में पदम जैन के खिलाफ 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए थाना पदमनाभपुर में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता योगेश कुमार साहू का आरोप है कि जमीन खरीदने के लिए आरटीजीएस के माध्यम से 50 लाख रुपये देने के बावजूद उन्हें तय सौदे के अनुरूप जमीन नहीं मिली और न ही उनकी बकाया राशि वापस की गई। पुलिस ने आवेदन में प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अपराध पाए जाने पर मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।
*70.11 लाख रुपये में हुआ था जमीन का सौदा*
शिकायत के अनुसार, योगेश कुमार साहू और उनके साथी हेमंत तिवारी ने पदम जैन के साथ 24 फरवरी 2022 को दुर्ग के बोरसी क्षेत्र स्थित जमीन का सौदा किया था। करीब 52 हजार वर्गफीट जमीन के लिए 1,011 रुपये प्रति वर्गफीट की दर से इकरारनामा किया गया था। इस सौदे के तहत योगेश साहू ने अपने एचडीएफसी बैंक खाते से आरटीजीएस के माध्यम से 50 लाख रुपये और उनके साथी ने 20.11 लाख रुपये दिए थे। इस प्रकार कुल 70.11 लाख रुपये का भुगतान किए जाने का दावा शिकायत में किया गया है।
*जमीन नहीं मिलने और रकम वापस नहीं करने का आरोप*
शिकायतकर्ता का आरोप है कि तय समय सीमा में शेष राशि देने की तैयारी के बावजूद पदम जैन ने सौदे को लेकर टालमटोल शुरू कर दी। बाद में रकम लौटाने का आश्वासन देने के बावजूद पूरी राशि वापस नहीं की गई। शिकायत के मुताबिक, योगेश साहू को 10.40 लाख रुपये के दो चेक दिए गए, जो मई 2024 में खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण बाउंस हो गए। इसके बाद दिया गया एक अन्य चेक भी 8 जुलाई 2025 को अपर्याप्त राशि के कारण अनादरित हो गया।
*जमीन की रजिस्ट्री और लाभांश को लेकर भी विवाद*
योगेश साहू ने अपनी शिकायत में कहा है कि इकरारनामा में 29.20 लाख रुपये के बराबर जमीन देने का उल्लेख किया गया, जबकि उनके अनुसार 15.20 लाख रुपये मूल्य की जमीन की ही रजिस्ट्री उनके पक्ष में कराई गई। रजिस्ट्री शुल्क के रूप में 1,00,350 रुपये खर्च करने की बात भी शिकायत में कही गई है।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि 25 जुलाई 2023 को हुए एक अन्य इकरारनामा में जमीन की बिक्री के बाद 15 प्रतिशत लाभ देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन संबंधित जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिए जाने के बावजूद उन्हें बकाया रकम और कथित लाभांश का भुगतान नहीं किया गया।
*कार्यालय पहुंचने पर विवाद का आरोप*
शिकायत के अनुसार, 21 जुलाई 2026 को योगेश साहू अपने पैसे वापस मांगने के लिए पुलगांव रोड स्थित जीवन प्लाजा की तीसरी मंजिल पर पदम जैन के कार्यालय पहुंचे थे। वहां बकाया रकम को लेकर विवाद होने और रकम नहीं देने की बात कहे जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने फोन, संदेश और व्हाट्सऐप के माध्यम से भी कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
फिलहाल, पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि विवेचना और संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद ही हो सकेगी। आरोपी का पक्ष इस समाचार के लिए उपलब्ध नहीं हो सका है।








