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अंजोरा (ख) ग्राम पंचायत में ₹4.80 लाख की राशि बिना सक्षम अनुमति खर्च करने का आरोप, एक सप्ताह में राशि जमा करने के निर्देश

 

दुर्ग। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ग्राम पंचायत के खाते में उपलब्ध राशि के कथित तौर पर नियम विरुद्ध व्यय किए जाने का मामला सामने आया है। जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कार्यालय ने ग्राम पंचायत अंजोरा (ख) के सरपंच/सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

14 अगस्त 2026 को जारी नोटिस में उल्लेख किया गया है कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्राम पंचायत के खाते में ₹4,80,621 की शेष राशि अभिलेखों में दर्ज थी। जांच के दौरान यह पाया गया कि उक्त मद की शेष राशि को बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के खर्च किया गया, जिसे प्रथम दृष्टया आपत्तिजनक एवं शासकीय राशि के दुरुपयोग की श्रेणी में बताया गया है।

*एक सप्ताह में राशि जमा करने के निर्देश*

जनपद पंचायत ने ग्राम पंचायत से इस संबंध में तीन दिवस के भीतर कारण स्पष्ट करने को कहा है। साथ ही नोटिस में कहा गया है कि सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना आहरण किए जाने से बची राशि की वसूली की जाएगी।

पंचायत को निर्देश दिया गया है कि एक सप्ताह के भीतर जिला पंचायत दुर्ग में राशि जमा करते हुए इस संबंध में की गई कार्रवाई से कार्यालय को अवगत कराया जाए।

*2023 के पत्र का भी हवाला*

नोटिस में जिला पंचायत दुर्ग के पत्र क्रमांक 1156/स्व.भा.मि.ग्रा./2023-24, दिनांक 14 जून 2023 का संदर्भ दिया गया है। यानी जिस राशि को लेकर अब कार्रवाई की जा रही है, उसका मामला नया नहीं बल्कि पहले से विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज था।

*सवालों के घेरे में पंचायत का वित्तीय प्रबंधन*

अब बड़ा सवाल यह है कि जब स्वच्छ भारत मिशन की राशि के उपयोग को लेकर सक्षम अनुमति और वित्तीय प्रक्रिया निर्धारित है, तो ₹4.80 लाख से अधिक की राशि किस कार्य में, किसके आदेश पर और किन बिल-वाउचर के आधार पर खर्च की गई?

क्या राशि वास्तव में स्वच्छ भारत मिशन के निर्धारित उद्देश्य पर खर्च हुई या मद परिवर्तन कर अन्य कार्यों में इस्तेमाल की गई? किस अधिकारी ने भुगतान को स्वीकृति दी और भुगतान की प्रक्रिया में किन-किन लोगों की भूमिका रही? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।

फिलहाल विभागीय नोटिस ने ग्राम पंचायत के वित्तीय लेन-देन और शासकीय राशि के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि पंचायत की ओर से तीन दिन में क्या जवाब दिया जाता है और क्या ₹4,80,621 की राशि निर्धारित समय सीमा में वापस जमा होती है।

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Author: Dhaara News

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