दुर्ग। रजिस्ट्री और जमीन शुल्क में बढ़ोतरी के विरोध में बीते आठ दिनों से चल रहा बिल्डर-ब्रोकरों का धरना-प्रदर्शन सोमवार को तनावपूर्ण हो गया। बढ़ती भीड़ और नारेबाजी के बीच हालात अचानक बिगड़ने पर पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने दो बार लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को हटाया, जिसके दौरान कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
जिला प्रशासन ने घटना पर स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कुछ असामाजिक तत्वों के अभद्र व्यवहार और उग्रता बढ़ने पर ही हल्का बल प्रयोग किया गया। प्रशासन ने कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहने की स्थिति में किसी तरह की बाधा नहीं डाली जाती, लेकिन माहौल बिगाड़ने की कोशिश के कारण यह कार्रवाई आवश्यक हो गई।
दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों ने लाठीचार्ज को अनुचित बताते हुए पुलिस पर ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने हालांकि स्वीकार किया कि कुछ बाहरी तत्वों की हरकतों के कारण माहौल तनावपूर्ण हुआ और स्थिति नियंत्रण से बाहर जाने लगी।
घटना के बाद पुलिस ने मनोज राजपूत सहित कुल 9 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही प्रदर्शन स्थल पर लगे पाइप, पंडाल, टेंट और अन्य सामग्री को हटाया गया। पुलिस व प्रशासन की टीम आरोपितों की पहचान में जुटी है तथा संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की तैयारी चल रही है।
बिल्डर–ब्रोकर संगठनों ने प्रशासनिक कार्रवाई की निंदा करते हुए साफ किया कि आंदोलन अब और तेज होगा। उनका कहना है कि रजिस्ट्री शुल्क और भूमि कर में वृद्धि से व्यवसाय प्रभावित हो रहा है तथा आम नागरिकों पर भी आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
उनके मुताबिक, प्रदर्शन रुकने वाला नहीं है। आंदोलन की अगली रणनीति तय करने के लिए जल्द ही कोर कमेटी की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसके बाद आगामी चरणों की घोषणा की जाएगी।
शहर में दिनभर प्रदर्शनस्थल के आसपास पुलिस बल तैनात रहा तथा स्थिति सामान्य बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।








