
आंदोलन की आवाज़: किसानों और ग्रामीणों की एकजुटता
भारतमाला परियोजना के तहत राजनांदगांव से हैदराबाद तक 6 लेन सड़क निर्माण के विरोध में किसानों और ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन कार्य रोको आंदोलन शुरू कर दिया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे।
क्या है मांग?
आंदोलनकारियों की मांग है कि शिन्नाथ नदी पर ब्रिज की लंबाई नाले से 500 मीटर पहले से लेकर पूरी नदी तक की जाए और मांग विनोद पहुंच मार्ग पर ब्रिज की ऊंचाई 6 मीटर की जाए। इससे किसानों को अपनी फसलें आसानी से ले जाने में मदद मिलेगी और मूर्तिकारों को भी अपनी मूर्तियों को आसानी से ले जाने में मदद मिलेगी।
चेतावनी
वरिष्ठ कांग्रेसी मोहन लाल हरमुख ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 6 माह के भीतर किसानों और ग्रामीणों की मांगें पूरी नहीं हुईं, तो प्रदर्शन और लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि हम अपनी मांगों के लिए संघर्ष करने के लिए तैयार हैं और हमें अपनी जमीन और जीविका की रक्षा करनी होगी।

नायब तहसीलदार का आश्वासन
शासन के निर्देशानुसार नायब तहसीलदार वासु मित्र दीवान ने किसानों और ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगें पूरी की जाएंगी। उन्होंने कहा कि हम किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को समझते हैं और उनकी मांगों को पूरा करने के लिए काम करेंगे। उन्होंने वादा किया कि शिन्नाथ नदी पर ब्रिज की लंबाई नाले से 500 मीटर पहले से लेकर पूरी नदी तक की जाएगी और मांग थनौद पहुंच मार्ग पर ब्रिज की ऊंचाई 6 मीटर की जाएगी, और आंदोलन को विराम करने का गुजारिश की।
आंदोलनकारियों की प्रतिक्रिया

नायब तहसीलदार के आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने अपना आंदोलन स्थगित करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि हम प्रशासन के आश्वासन पर भरोसा करते हैं और उम्मीद करते हैं कि हमारी मांगें पूरी की जाएंगी।
विधायक व सांसद आंदोलन में गैर मौजूदगी
पूर्व जनपद सभापति हरेंद्र देव ने कहा कि सभी प्रतिनिधि आंदोलन मौजूद थे।मगर दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर और सांसद विजय बघेल को जनता और किसानों का कोई फिक्र नहीं है।
दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर की अनुपस्थिति ने क्षेत्र की जनता को निराश कर दिया है। जबकि क्षेत्र के सभी जन प्रतिनिधि आंदोलन में मौजूद थे, विधायक ललित चंद्राकर और सांसद विजय बघेल का कहीं कोई पता नहीं था। इससे साफ जाहिर होता है कि वे क्षेत्र की जनता की समस्याओं से कितने बेखबर हैं।
विधायक व सांसद महोदय को अपनी जिम्मेदारियों का एहसास करना चाहिए और क्षेत्र की जनता के लिए काम करना चाहिए। जनता ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना है, और उन्हें जनता की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए काम करना चाहिए।
आंदोलन में शामिल लोग
आंदोलन में केशव बंटी हरमुख, वरिष्ठ कांग्रेसी मोहन लाल हरमुख, जिला पंचायत सभापति प्रिया साहू, जनपद पंचायत संगीता साहू, पूर्व जनपद सभापति हरेंद्र देव, थनौद सरपंच मेनका देशमुख, अंजोरा सरपंच संतोष सारथी, बिरेझर सरपंच इंद्रजीत साहू, चंगोरी सरपंच हिरामन देशमुख,दिनेश देशमुख,अनिल देवांगन, पप्पू देशमुख,संतोष देवांगन,माखन साहू और क्षेत्र के किसान व ग्रामीण शामिल थे।








