महासमुंद : नेशनल हाईवे 353 पर स्थित तहसील कार्यालय के सामने एक साधारण सी घटना ने बड़े ड्रग्स नेटवर्क की परतें खोल दीं। पेट्रोलिंग टीम ने एक बंद पड़ी कार से गांजा बरामद कर दो युवकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मंगलवार रात करीब 9 बजे हुई, जब महाराष्ट्र नंबर की कार अचानक बंद हो गई।
शक से शुरू हुई पूछताछ, तलाशी में मिला बड़ा माल
पेट्रोलिंग टीम ने संदिग्ध स्थिति देखकर कार में सवार युवकों से पूछताछ की। युवकों के हावभाव से संदेह गहराया तो पुलिस ने वाहन की तलाशी ली। जांच के दौरान पिछली सीट के नीचे खाकी टेप में लिपटे 15 से 20 पैकेट मिले, जिनमें प्रत्येक करीब एक किलो गांजा था।
ओडिशा से लाया जा रहा था नशे का सामान
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गांजा ओडिशा से लाया जा रहा था। हैरानी की बात यह है कि यह खेप कई थाना क्षेत्रों से गुजरते हुए महासमुंद पहुंच गई और आखिरकार कार खराब होने के कारण पकड़ी गई।
तीन थाना क्षेत्र पार, फिर भी नहीं लगी भनक
यह कार कोमाखान, बागबाहरा और खल्लारी थाना क्षेत्रों से होकर गुजरी, लेकिन कहीं भी इसे रोका नहीं गया। इससे पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं और तस्करी नेटवर्क की सक्रियता भी उजागर हुई है।
सायबर सेल और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
मौके पर बरामदगी के बाद पेट्रोलिंग टीम ने तुरंत सायबर सेल को सूचना दी। इसके बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। जब्त कार को लोगों की मदद से थाने तक पहुंचाया गया।
पुराना पैटर्न फिर दोहराया गया, सिस्टम पर उठे सवाल
करीब दो साल पहले भी इसी तरह की घटना सामने आई थी, जब एक दुर्घटनाग्रस्त कार से गांजा मिला था और आरोपी फरार हो गए थे। इस बार भी तस्करी का तरीका लगभग वैसा ही दिखा, जिससे साफ है कि अंतरराज्यीय नेटवर्क अब भी सक्रिय है।
सतर्कता से टली बड़ी खेप, लेकिन चुनौती बरकरार
हालांकि पेट्रोलिंग टीम की सतर्कता से एक बड़ी खेप पकड़ी गई, लेकिन इस घटना ने यह भी दिखा दिया कि ड्रग्स तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए निगरानी और कड़ी करनी होगी।







