संगठन को मैदानी स्तर पर मजबूत करने और आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस आलाकमान ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पिछड़ा वर्ग विभाग में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की गई हैं। पार्टी के ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जयहिंद के हस्ताक्षर से राज्य के 39 जिला अध्यक्षों की नई सूची जारी की गई है। इस सूची में प्रदेश के सभी 33 जिलों के शहरी और ग्रामीण समीकरणों को साधने की कोशिश की गई है।
रायपुर-दुर्ग में इन्हें मिली जिम्मेदारी
पार्टी द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, बड़े शहरों में संगठन को दो हिस्सों (शहर और ग्रामीण) में बांटकर कमान सौंपी गई है। राजधानी रायपुर शहर की जिम्मेदारी लक्ष्मण सेन को सौंपी गई है, जबकि रायपुर ग्रामीण का अध्यक्ष मुकेश साहू को बनाया गया है। वही दुर्ग शहर में शिशिरकांत कसार और दुर्ग ग्रामीण इकाई में संतोष देशमुख संगठन का काम संभालेंगे। तो वही राजनांदगांव शहर से सचिन दुरहटे और ग्रामीण क्षेत्र से रोशन साहू को जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
मध्य के जिलों के नए चेहरे
धमतरी शहर की कमान प्रमोद सिन्हा और ग्रामीण की जिम्मेदारी लखेश्वर साहू को दी गई है। वही बलौदाबाजार शहर अध्यक्ष गणेश शंकर साहू और ग्रामीण अध्यक्ष घनश्याम पटेल बनाए गए हैं। गरियाबंद से गजेंद्र साहू और महासमुंद ग्रामीण से कुनाल चंद्राकर को नई कमान मिली है।
बिलासपुर ग्रामीण में सुनील साहू और मुंगेली जिले में अभिलाष जायसवाल को अध्यक्ष पद की कमान दी गई है। कोरबा शहर से गजानंद साहू और कोरबा ग्रामीण से राजेश मानिकपुरी जिम्मेदारी संभालेंगे। बस्तर संभाग के कांकेर जिले में सुखचंद प्रजापति को आगे किया गया है।इसके अलावा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई से पुरुषोत्तम वर्मा और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी से भैयाराम यदु को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
कोयला अंचल में नियुक्ति
सूरजपुर शहर से प्रदीप साहू, सूरजपुर ग्रामीण से राम कृपाल साहू और सरगुजा से ईश्वर सोनी को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। रायगढ़ शहर से कन्हैया पटेल, रायगढ़ ग्रामीण से बब्लू साहू और सारंगढ़-बिलाईगढ़ से मितेंद्र यादव मोर्चा संभालेंगे। बलरामपुर से अनिल कुशवाहा, जशपुर से चंद्रदीप यादव, कोरिया से रामकृष्ण साहू और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर से मनोज साहू को कमान दी गई है।
राजनीतिक मायने
छत्तीसगढ़ की सियासत में ओबीसी आबादी का एक बहुत बड़ा हिस्सा है, जो सूबे की सत्ता तय करने में किंगमेकर की भूमिका निभाता है। कांग्रेस नेतृत्व ने इस लिस्ट के जरिए जमीनी स्तर पर ब्लॉक और बूथ स्तर तक ओबीसी वोटर्स के बीच अपनी पकड़ को दोबारा मजबूत करने का सीधा प्रयास किया है।







