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CG Tehsildar Strike: विधायक-नायब तहसीलदार विवाद पर प्रदेशभर में हड़ताल, राजस्व कार्यों पर पड़ा असर

रायपुर। सरगुजा में विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच हुए विवाद ने अब प्रदेशव्यापी रूप ले लिया है। घटना के विरोध में सोमवार से छत्तीसगढ़ के तहसीलदार और नायब तहसीलदार सामूहिक हड़ताल पर चले गए हैं। कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के आह्वान पर शुरू हुए कामबंद-कलमबंद आंदोलन के कारण कई जिलों में राजस्व और प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने लगे हैं।

प्रदेशभर के अधिकारियों ने खोला मोर्चा

संघ का आरोप है कि घटना के बाद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे प्रशासनिक अधिकारियों में नाराजगी बढ़ी है। इसी के विरोध में तहसीलदार और नायब तहसीलदार एकजुट होकर आंदोलन कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

विवाद के बाद बढ़ा असंतोष

जानकारी के अनुसार सरगुजा जिले में विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच हुए विवाद के बाद प्रशासनिक अमले में असंतोष का माहौल बन गया। कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ का दावा है कि इस घटना ने अधिकारियों की कार्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

संघ की प्रमुख मांग मामले में सख्त कार्रवाई और दोषियों की गिरफ्तारी बताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों में कठोर कदम नहीं उठाए गए तो प्रशासनिक तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

आम जनता के काम हो रहे प्रभावित

हड़ताल का सीधा असर तहसील कार्यालयों में मिलने वाली सेवाओं पर पड़ रहा है। नामांतरण, सीमांकन, भूमि अभिलेख, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों की प्रक्रिया प्रभावित होने लगी है।

प्रदेश के कई जिलों में अधिकारियों ने प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया है, जबकि कुछ स्थानों पर कामकाज पूरी तरह ठप होने की सूचना मिली है। इससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

आंदोलन और तेज होने के संकेत

प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। अब यह मामला केवल सरगुजा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों से जुड़ा मुद्दा बन गया है।

सरकार ने की काम पर लौटने की अपील

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों से हड़ताल समाप्त कर अपने कार्यों पर लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और सरकार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में इस समय सुशासन तिहार जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम चल रहे हैं, ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग आवश्यक है। वहीं विधायक रामकुमार टोप्पो ने भी पहले अधिकारियों और कर्मचारियों से आंदोलन में शामिल नहीं होने की अपील की थी।

फिलहाल नहीं दिख रहे समाधान के संकेत

हालांकि अब तक आंदोलन वापस लेने को लेकर कोई आधिकारिक संकेत सामने नहीं आया है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच होने वाली बातचीत पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यदि गतिरोध जारी रहता है तो राजस्व और प्रशासनिक सेवाओं पर इसका असर और बढ़ सकता है।

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Author: Dhaara News

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