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बीजेपी को 2028 विधानसभा जिताने की तैयारी में कांग्रेस पार्टी, करने चले थे कांग्रेस को मजबूत हो रही BJP??

 


दुर्ग जिले के ग्रामीण इकाइयों में प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस सत्तासीन दल बीजेपी से अभी भी संगठनात्मक तौर पर बहुत पीछे चल रही है भाजपा लगातार न सिर्फ संगठनात्मक बदलाव कर रही बल्कि अपने मंडल अध्यक्षों के माध्यम से कार्यकारिणी का भी विस्तार हो कर चुके है. जिले में जिला अध्यक्ष कांग्रेस ने बदल तो दिया लेकिन अभी तक ब्लॉक अध्यक्ष, जोन, सेक्टर और बूथ स्तर पर बदलाव ही नहीं कर सकीं, प्रदेश संगठन में नाम भेजने के लिए अपने ही खासमखास का नाम आगे करने का काम चल रहा है. इसी निवास से बट रहे टिकट के चलते कई नेता चुनाव निपट गए.
इस मामले में बीजेपी कांग्रेस से कहीं आगे चल रही है, बीजेपी के मंडल कार्यकारिणी में ऐसे लोगों को भी स्थान मिला जिन्हें बीजेपी के पदाधिकारी ही नहीं जानते, पार्टी नए लोगों पर दाव लगा रही है ताकि आम जनता को बताने का मौका मिले कि आम आदमी को भी पार्टी में मौका मिलता है.
आपको बता दें कि कांग्रेस संगठन अभी जोन और सेक्टर प्रभारियों की नियुक्ति में लगी है, बूथ के कार्यकर्ता भी नहीं जान रहे है और जोन सेक्टर प्रभारी नियुक्त हो गया. लेकिन भाजपा में ऐसा नहीं है भाजपा अपने जिला कार्यालय के निर्देश और प्रदेश कार्यालय के मार्गदर्शन से संचालित है और संगठनात्मक बदलाव को ज्यादा महत्व दे रही है ताकि आने वाले चुनाव में इसका फायदा मिले लेकिन कांग्रेस पार्टी अपने संगठनात्मक ढांचे में कोई बदलाव नहीं कर रही है जिसकी वजह से कांग्रेसियों में ही एक तरफ नाराजगी है.
एक निवास से संगठन संचालित होने के कारण कार्यकर्ता पार्टी मे रुचि नहीं दिखा रहे हैं और मन मसोस के रहे जा रहे हैं, बदलाव के संकेत को समझे बिना कांग्रेस संगठन काम कर रही है जिला अध्यक्ष भी… दुर्ग ग्रामीण विधानसभा में उनके हाथ बंधे नजर आ रहे हैं बल्कि उन्होंने दुर्ग ग्रामीण विधानसभा को छोड़कर सभी विधानसभा में राष्ट्रीय संगठन और प्रदेश के निर्देशों का परिपालन करवा रहे हैं लेकिन दुर्ग ग्रामीण विधानसभा में भगवान भरोसे पार्टी चल रही है अभी से चुनाव का ख्वाब देख रहे नेताओं को यह सोचना चाहिए कि पहले संगठन मजबूत हो इसके लिए उन्हें रचनात्मक बदलाव भी करने चाहिए बीजेपी के पास व्यापक संगठनात्मक ढांचा है जिसकी वजह से उन्हें चुनाव में फायदा मिलता है लेकिन कांग्रेस व्यक्ती विशेष पार्टी बन कर रह गई है कांग्रेस को चाहिए कि कैडर बेस पार्टी बने जो leader of opposition राहुल गांधी की सोच से मेल खाता हो, ऐसे में यहां का विधानसभा जीत पाना कहीं मुश्किल है. कांग्रेस बूथ से ओरिजिनल सक्रिय बूथ कार्यकर्ता चुने उनमें से सेक्टर फिर जोन प्रभारी चुनना चाहिए.. सिस्टम को इस तरीके से बनाया जाए ताकि आने वाले समय में उसका विधानसभा चुनाव में फायदा मिले वैसे भी दुर्ग विधानसभा में देखें तो कांग्रेस पार्टी पंचायत एवं निकाय चुनाव मे बुरी तरह हारी है इसके बाद भी पार्टी इन गलतियों से सबक नहीं ले रही है हालाकि ये पार्टी का अंदरुनी मामला हो सकता है लेकिन जनता विपक्ष से उम्मीद रखती है कि विपक्ष बेहतर और सशक्त हो.
विदित हो कि 2023 के विधानसभा चुनाव मे पार्टी संगठन में जमीनी कार्यकर्ताओं की पूछ परख नहीं होने से ही बुरी तरह से हार का भी सामना करना पड़ा था. जब सत्ता मे थे तो बीजेपी को वाक् ओवर दिए थे कम से कम सत्ता मे नही हो तो भी बीजेपी के लिए कांग्रेस पार्टी को काम करना पड़ रहा है.

 

दुर्ग जनपद के कांग्रेसी सदस्यों को नहीं मिल रहा हक

दुर्ग जनपद पंचायत में जनपद सदस्यों को काम नहीं मिल रहा है उनके हक के पैसे को भी कांग्रेस के बड़े नेता दिला नहीं पा रहे हैं जनपद सदस्यों को अपने हक के लिए खुद ही लड़ना पड़ रहा है कोई बड़े कांग्रेसी नेता उनके साथ नजर नहीं आ रहे हैं यह भी एक बड़ी खामी देखने को मिली है उन्हें रास्ता बताने वाला कोई भी अब नजर नहीं आ रहा है ऐसे में जनपद सदस्यों की खस्ता हालत देखते ही बन रही है. जनपद को 2024-25 और 2025-26 की शासन से प्राप्त राशि कांग्रेसी सदस्यों के हाथ से निकल चुकी है वहीं इसके लिए हाइकोर्ट जाने की तैयारी तो कर रहे हैं लेकिन पार्टी यहां भी कमजोर नजर आ रही है.

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Author: dhaaranews

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