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सोने-चांदी के भाव में गिरावट, सोना 550 और चांदी 2,220 सस्ती, जानें आज के रेट

मुंबई: घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक बाजार से मिल रहे कमजोर संकेतों और ऊंचे स्तरों पर निवेशकों की मुनाफावसूली का असर कीमती धातुओं पर दिखाई दे रहा है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के जारी आंकड़ों के मुताबिक, सोने के साथ चांदी के भाव में भी नरमी आई है।

सोने की कीमत में 550 रुपये की कमी

24 कैरेट सोने का भाव 550 रुपये प्रति 10 ग्राम घटकर 1,46,250 रुपये पर पहुंच गया है। पिछले बंद भाव के मुकाबले इसमें करीब 0.37 फीसदी की गिरावट आई है। कीमतों में आई इस नरमी से उन ग्राहकों को राहत मिल सकती है, जो सोने की खरीदारी की योजना बना रहे हैं।

डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली का असर

बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव की प्रमुख वजह अमेरिकी डॉलर में मजबूती और हाल के ऊंचे स्तरों पर निवेशकों की ओर से की जा रही मुनाफावसूली मानी जा रही है। हालांकि, शादी-विवाह के सीजन के कारण घरेलू बाजार में सोने की खुदरा मांग बनी हुई है। ऐसे में कीमतों में आगे होने वाले बदलाव पर खरीदारों और निवेशकों की नजर रहेगी।

चांदी 2,220 रुपये प्रति किलो फिसली

चांदी की कीमतों में सोने के मुकाबले अधिक गिरावट देखने को मिली है। इसके भाव में 2,220 रुपये प्रति किलोग्राम की कमी आई है। करीब 1.05 फीसदी की गिरावट के बाद चांदी 2,09,730 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, चांदी की कीमतों पर निवेश संबंधी गतिविधियों के अलावा औद्योगिक मांग में होने वाले बदलाव का भी असर पड़ता है। इसी वजह से इस धातु के भाव में सोने की तुलना में अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

प्रमुख शहरों में सोने-चांदी के भाव

IBJA और स्थानीय सर्राफा बाजारों के आंकड़ों के आधार पर अलग-अलग शहरों में कीमती धातुओं के भाव में अंतर हो सकता है। खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा रेट की जानकारी जरूर लें।

क्या अभी सोना-चांदी खरीदना फायदेमंद रहेगा?

कीमतों में गिरावट के बाद निवेशकों और खरीदारों के लिए बाजार की आगे की दिशा पर नजर रखना जरूरी है। लंबी अवधि के निवेशक अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार चरणबद्ध खरीदारी पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, मौजूदा गिरावट को भविष्य में कीमतें बढ़ने का निश्चित संकेत नहीं माना जाना चाहिए।

खरीदारी से पहले टैक्स और मेकिंग चार्ज समझें

IBJA की ओर से जारी कीमतों में जीएसटी और आभूषण बनाने का शुल्क शामिल नहीं होता है। इसलिए ज्वेलरी खरीदते समय अंतिम कीमत इन अतिरिक्त शुल्कों के कारण अधिक हो सकती है। खरीदारी करने से पहले दुकानदार से सोने की शुद्धता, लागू टैक्स और मेकिंग चार्ज की पूरी जानकारी जरूर लें।

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Author: Dhaara News

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