Dhaara News

Durg : धनतेरस के दिन भी बिहान हाट में रौनक नहीं, इधर जिला पंचायत प्रशासन अपने निर्वाचित सदस्यों के नाम ही भूल गई जिम्मेदार कौन???

File: 16 October

दुर्ग जिला पंचायत एवं जनपद के परिसर पर छत्तीसगढ़ सरकार रजत महोत्सव बिहान हाट चिन्हारी द्वार मेला लगाकर 16 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक 3 दिन तक मना भी लिया, और अपने निर्वाचित सदस्यों के नाम को बैनर में सुधार भी नहीं सकी…
खैर पहले मेले के बारे में बताते हैं..
“बिहान” सरकार की महिला केंद्रित योजना है जो उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम और आत्म निर्भर बनाने तथा प्रशासन को बाजार और ग्राहक उपलब्ध कराने की जवाब देही का भी है.
महिला समूह किफायती दर पर विभिन्न प्रकार के जरूरी और पौष्टिक उत्पाद के साथ रोजमर्रा की आवश्यकता के सामान निर्माण करती है ताकि ग्राहक इन उत्पादों को देखकर आकर्षित हो और बाहर में उपलब्ध नहीं होने वाले सामाग्री के चलते उन्हें सही दाम मिले, मेहनत का पैसा मिले लेकिन सरकारी सिस्टम इतना घटिया है की नाम तो रजत महोत्सव है लेकिन महिलाओं की किस्मत में इन उत्पादों को बेचकर चांदी की कोई 10 ग्राम के सिक्के खरीद सके इतनी आमदनी जिला प्रशासन ने करवाने की कोई व्यवस्था भी नहीं रखी. पहले प्रचार होता था विज्ञापन किए जाते थे लेकिन इस बार फ्लेक्स बैनर को जिला पंचायत परिसर के बाहर टांगने के अलावा कोई बड़ा प्रचार नहीं हो सका महिलाओं के समूह में इन योजनाओं का प्रचार होता रहा, व्हाट्सएप ग्रुप में फैलाया जाता रहा लेकिन जमीनी हकीकत यह रही की महिला समूह को ग्राहकों के लिए तरसना पड़ा.


जिला पंचायत के मुख्य कार्य पालन अधिकारी बजरंग दुबे की उपस्थिति में जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे के कर कमल से इस कार्यक्रम का शुभारंभ जरूर हुआ साथ में पक्ष और विपक्षी दल के सदस्य भी इस दौरान मौजूद रहे फ्लेक्स बैनर में सभी 12 जिला पंचायत सदस्यों के फोटो बैनर में लगे हुए हैं लेकिन दो कांग्रेस समर्थित सदस्यों के नाम को गलत लिख दिया गया जिसमें देवेंद्र चंद्रवंशी को वीरेंद्र चंद्रवंशी, वहीं दानेश्वर साहू को धनेश्वर साहू लिखा गया है दुर्भाग्य से कहें या फिर त्रुटिवश या कोई राजनीतिक दांवपेंच कहा जाए दोनों ही सदस्य कांग्रेस पार्टी से जुड़े है जिला प्रशासन ने सभी सदस्यों का फोटो जरूर डाला है लेकिन जिस तरीके से नाम में मिस्टेक किया गया इससे साफ पता चलता है कि जिला प्रशासन में बैठे आला अफसर या तो पढ़े-लिखे नहीं है या कहीं से आदेश लेकर जानबूझकर ये गलतियां की गई है फिलहाल फ्लेक्स के अप्रूवल और फोटो के साथ नाम भेजने वाले अफसरों के डिग्रियों की जांच की मांग इन दोनों सदस्यों को जरूर करना चाहिए.
खैर आने वाला समय बताएगा कि कौन अफसर इस बैनर को ओके किया या कोई और ही खिचड़ी तैयार हुई थी.

dhaaranews
Author: dhaaranews

Leave a Comment