दुर्ग। पंचायतों में वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जनपद पंचायत दुर्ग द्वारा कराई गई जांच में वित्तीय गड़बड़ी पाए जाने पर जिला पंचायत CEO बजरंग दुबे ने पूर्व सरपंच ललिता गजपाल एवं पंचायत सचिव पुष्पा सोनबेर के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।
2 जून को जारी आदेश के अनुसार पंचायत सचिव पुष्पा सोनबेर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं जांच में वित्तीय अनियमितता प्रमाणित होने पर पूर्व सरपंच ललिता गजपाल एवं सचिव पुष्पा सोनबेर को 1 लाख 9 हजार 34 रुपये प्रत्येक की राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस प्रकार दोनों से कुल 2 लाख 18 हजार 68 रुपये की वसूली की जाएगी।
जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत दुर्ग की जांच टीम द्वारा की गई जांच में संबंधित पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई थी। इसके बाद उप संचालक आकाश सोनी द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन एवं अनुशंसा के आधार पर जिला पंचायत CEO ने यह कार्रवाई की।
आदेश के तहत निलंबित सचिव पुष्पा सोनबेर का मुख्यालय जनपद पंचायत दुर्ग निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) प्रदान किया जाएगा। साथ ही वे सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगी।
यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम एवं सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत की गई है। जिला पंचायत प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि पंचायतों में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अनियमितता करने वालों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई को पंचायती राज व्यवस्था में सुशासन और वित्तीय पारदर्शिता स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।








