ग्राम पंचायत अंडा के आबादी पारा से भ्रष्टाचार की एक ऐसी खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। वार्ड पंच गोपाल साहू और उप सरपंच यशवंत बंजारे के अपने ही मुहल्ले में हो रहे हैंडपंप निर्माण कार्य पर भ्रष्टाचार की कालिख लगती दिख रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि जनता के पैसे को पानी की तरह बहाया जा रहा है, लेकिन धरातल पर काम के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है।
1.50 लाख का बजट और बदहाल काम! मिली जानकारी के मुताबिक, इस हैंडपंप निर्माण की अनुमानित लागत लगभग 1.50 लाख रुपये बताई जा रही है। इतनी मोटी रकम आवंटित होने के बावजूद निर्माण कार्य में जमकर लापरवाही बरती गई है। पंचायत एजेंसी और सरपंच की कार्यप्रणाली पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि निर्माण सामग्री से लेकर काम की गुणवत्ता तक, हर जगह सेंधमारी की गई है
घिरे सरपंच दिग्विजय सिन्हा: जवाब देने के बजाय साधी चुप्पी!इस पूरे विवाद के केंद्र में सरपंच दिग्विजय सिन्हा हैं। जब इस धांधली को लेकर सरपंच से जवाब मांगा गया, तो उनके पास कोई संतोषजनक उत्तर नहीं था। आरोप है कि सरपंच और पंचायत एजेंसी की मिलीभगत से इस सरकारी राशि का बंदरबांट किया जा रहा है। सरपंच की चुप्पी ने इन आरोपों को और हवा दे दी है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है।
वार्ड पंच और उप सरपंच के क्षेत्र में ही सेंधमारी?
हैरानी की बात यह है कि जिस वार्ड में यह धांधली हो रही है, वह वार्ड पंच गोपाल साहू और उप सरपंच यशवंत बंजारे का क्षेत्र है। अपने ही जनप्रतिनिधियों के इलाके में प्रशासन की इस लापरवाही ने पंचायत की साख पर बट्टा लगा दिया है।







