कुथरेल/दुर्ग। ग्राम पंचायत कुथरेल में तालाब गहरीकरण एवं जल संरक्षण के उद्देश्य से जारी खुदाई कार्य अब विवादों में घिरता नजर आ रहा है। पंचायत द्वारा इसे जल संरक्षण और तालाब गहरीकरण की योजना बताया जा रहा है, वहीं स्थानीय ग्रामीणों और भाजपा नेता टिकाराम साहू ने कार्य की प्रक्रिया, सुरक्षा और उपयोगिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि तालाब की खुदाई अत्यधिक गहराई तक की जा रही है, जिससे भविष्य में यह आम नागरिकों और मवेशियों के उपयोग के लिए असुरक्षित साबित हो सकता है। लोगों का आरोप है कि कार्य शुरू होने से पहले ग्रामसभा में व्यापक चर्चा नहीं की गई और न ही प्रस्ताव की जानकारी ग्रामीणों के सामने स्पष्ट रूप से रखी गई।
स्थानीय भाजपा नेता टिका राम साहू ने इस मामले में प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि तालाब का उद्देश्य गांव के लोगों और पशुओं को जल उपलब्ध कराना होता है, लेकिन वर्तमान में जिस प्रकार गहरी खुदाई की जा रही है, उससे तालाब की उपयोगिता प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने सुरक्षा मानकों की अनदेखी का भी आरोप लगाया
ग्रामीणों ने चिंता जताई है कि गहरे तालाब के कारण भविष्य में बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों के डूबने जैसी दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। उनका कहना है कि विकास कार्यों में जनहित और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए
इधर गांव में यह चर्चा भी तेज है कि तालाब खुदाई कार्य से जुड़े हितों के बदले पंचायत प्रतिनिधियों को पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया गया। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ग्रामीण पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि खुदाई कार्य में लगे भारी वाहनों और डम्परों की लगातार आवाजाही से गांव की कच्ची सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। लोगों ने प्रशासन से सड़कों की मरम्मत कराने और कार्य की तकनीकी जांच करवाने की मांग की है
फिलहाल पंचायत की ओर से तालाब गहरीकरण को जल संरक्षण की दिशा में आवश्यक कार्य बताया जा रहा है, लेकिन ग्रामीणों द्वारा उठाए गए सवालों के बाद अब पूरे मामले पर प्रशासनिक जांच की मांग तेज हो गई है।








