Dhaara News

भाजपा सरकार में राजीव मितान क्लबों के पदाधिकारी खूब मजे मे…फायदा ही देना था तो क्लबों को भंग क्यों किया गया


Durg. कांग्रेस की 2018-2023 मे सरकार हुआ करती थी तब सरकार ने राजीव मितान क्लब का गठन किया गया था. तात्कालिक समय में गांव में खेलकूद, सामाजिक सांस्कृतिक आयोजनों के लिए प्रतिवर्ष 1 लाख रुपए का बजट प्रस्तावित था संबंधित योजना में पूर्ववर्ती सरकार ने उस पर खूब खर्च किया. शहर से लेकर गांव तक खूब क्लब बनाया, हालांकि, 2023 में सत्ता परिवर्तन के बाद बीजेपी सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया। सरकार का आरोप था कि यह योजना कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई थी, और इसमें अनियमितताएं हुईं। बीजेपी सरकार ने दिसंबर 2023 में क्लबों के खर्च पर रोक लगा दी और सभी जिला कलेक्टरों से उपयोगिता प्रमाण पत्र मांगकर जांच शुरू की। जांच में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के नाम पर फर्जी रिपोर्ट प्रस्तुत कर राशि निकालने की शिकायतें सामने आईं।
बरहाल सरकार ने योजना को तो बंद कर दिया लेकिन इससे जुड़े लोग भाजपा सरकार में ठेकेदार बन गए हैं इससे जुड़े पदाधिकारियों और कांग्रेसी जिले में चादर ओढ़ के घी पी रहें हैं, फिलहाल बीजेपी संगठन मे लेकर इसमे खूब नाराजगी है, भले योजना बंद कर दी गई है जिले में कुछ विधायक कार्यालयों से इन्हें खूब उपकृत किया जा रहा है, वहीं बीजेपी के कार्यकर्ता मुँह ताक रहें हैं, परिस्थिति तो यह है कि सीधे विधानसभा चुनाव मे देख लेने की बात दबी जुबान से बीजेपी कार्यकर्ता कर रहे हैं, बीजेपी के एक कार्यकर्ता ने नाम नहीं छापने पर बताया कि राजीव मितान क्लब के पदाधिकारी विधानसभा चुनाव मे आम पापड़ी बांट रहे थे और जो कांग्रेस के बूथ मैनेज कर रहे थे उनको खूब मैनेज किया जा रहा है. वे कहते हैं कि यदि उन लोगों को ही फायदा पहुंचाना था तो क्लब को आखिर भंग क्यों किया गया जांच क्यों बिठाए गए केवल दिखावा है.
ऐसी ही स्थिति रही तो बीजेपी को विधानसभा चुनाव मे जिले में मुंह की खानी पड़ सकती है. सरकार ने योजना बंद कर दिया लेकिन लाभ अभी भी उन्हें एन केन प्रकारेण पहुंचाने के लिए विधायक कार्यालयों से खूब मेहनत की जा रही है.

dhaaranews
Author: dhaaranews

Leave a Comment