दुर्ग जिला प्रशासन ने जारी किया भारमुक्ति आदेश, विभागीय जांच रहेगी जारी; अभ्यावेदन को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होना बाकी
दुर्ग।जनपद पंचायत दुर्ग के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी रूपेश कुमार पांडेय को निलंबन से बहाल कर दिया गया है। बहाली के साथ ही उन्हें जिला पंचायत बीजापुर में सहायक परियोजना अधिकारी (APO) के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए भारमुक्त कर दिया गया है। दुर्ग कलेक्टर कार्यालय द्वारा 28 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के बाद उनकी बीजापुर में पदस्थापना का रास्ता साफ हो गया है।
रूपेश पांडेय का मामला उस समय चर्चा में आया था, जब सुशासन तिहार एवं जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान कथित अशिष्ट व्यवहार से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद दुर्ग संभागायुक्त के 1 जून 2026 के आदेश से उन्हें निलंबित किया गया था। हालांकि, निलंबन की कार्रवाई के साथ जारी आदेश में उनके मुख्यालय के निर्धारण को लेकर अब सवाल उठाए जा रहे हैं। उपलब्ध आदेश में निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय निर्धारित किए जाने का स्पष्ट उल्लेख सामने नहीं आता है।
*बहाली के लिए अभ्यावेदन का उल्लेख, लेकिन उसकी प्रति अप्राप्त*
कलेक्टर कार्यालय दुर्ग के वर्तमान आदेश में उल्लेख किया गया है कि रूपेश कुमार पांडेय द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए उन्हें निलंबन से बहाल किया गया। हालांकि, इस अभ्यावेदन की प्रति अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाई है। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि अभ्यावेदन कब प्रस्तुत किया गया, उसमें क्या आधार रखे गए और उस पर किन तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया गया। अभ्यावेदन की प्रति और संबंधित अभिलेख सामने आने के बाद ही इस पहलू की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
*पुराने पदस्थापना आदेश के आधार पर बीजापुर भेजे गए*
शासन ने 9 मई 2025 को रूपेश पांडेय को पदोन्नति के बाद सहायक परियोजना अधिकारी, जिला पंचायत बीजापुर के पद पर पदस्थ करने का आदेश जारी किया था। इस आदेश को उन्होंने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में WPS क्रमांक 3841/2025 के माध्यम से चुनौती दी थी। न्यायालय ने 27 मई 2025 को अंतरिम स्थगन दिया था। बाद में 19 जून 2026 को याचिका को निष्प्रभावी मानते हुए समाप्त कर दिया गया और अंतरिम स्थगन भी समाप्त हो गया।
इसके बाद निलंबन से बहाली के साथ ही पुराने पदस्थापना आदेश के अनुपालन में उन्हें 28 अक्टूबर 2026 की अपराह्न से भारमुक्त कर दिया गया, ताकि वे जिला पंचायत बीजापुर में कार्यभार ग्रहण कर सकें।
*विभागीय जांच का फैसला अभी बाकी*
बहाली के बावजूद मामला पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। आदेश के अनुसार, दुर्ग संभागायुक्त द्वारा 22 अक्टूबर 2026 को उनके विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित की गई थी। निलंबन अवधि का निराकरण विभागीय जांच के बाद नियमानुसार किया जाएगा।
अब मुख्यालय निर्धारण और बहाली के आधार बने अभ्यावेदन से संबंधित अभिलेखों की स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासनिक आदेश के तहत रूपेश पांडेय की बहाली और बीजापुर पदस्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है, जबकि विभागीय जांच जारी रहेगी।








