रायगढ़। रायगढ़ जिला जेल में बंद विचाराधीन कैदी संजय बघेल की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद सामने आए तथ्यों, परिजनों के आरोपों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले को लेकर अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा से उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम नवापारा निवासी संजय बघेल शराब से जुड़े एक प्रकरण में न्यायिक हिरासत के तहत रायगढ़ जिला जेल में बंद था। 13 जून को उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जेल प्रशासन इसे स्वास्थ्य संबंधी मामला बता रहा है, लेकिन परिजनों ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि संजय बघेल पूरी तरह स्वस्थ था और जेल के भीतर उसके साथ मारपीट की गई, जिसके कारण उसकी मौत हुई। परिवार का कहना है कि मौत की सूचना भी उन्हें समय पर नहीं दी गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों और समर्थकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने लगा। वीडियो में मृतक के शरीर पर कई स्थानों पर चोट और जख्म जैसे निशान दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद आम लोगों के बीच संदेह और आक्रोश बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि किसी बंदी की जेल जैसी सुरक्षित जगह पर मौत होती है तो उसके शरीर पर कथित चोटों के निशान कैसे मिले।
स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और मृतक के समर्थकों का कहना है कि मामले की केवल विभागीय जांच पर्याप्त नहीं होगी। उन्होंने न्यायिक या मजिस्ट्रियल जांच कराने की मांग की है ताकि मौत के वास्तविक कारण सामने आ सकें। लोगों का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष नहीं हुई तो पूरे मामले की सच्चाई दब सकती है।
सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा गृह मंत्री विजय शर्मा से मामले में सीधे हस्तक्षेप करने की मांग की जा रही है। साथ ही मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी दिए जाने की मांग भी उठ रही है।
यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि पिछले कुछ समय के दौरान रायगढ़ जिला जेल में हुई मौतों को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में संजय बघेल की मौत ने जेल सुरक्षा, कैदियों के मानवाधिकार और चिकित्सा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय परीक्षण और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। लेकिन जिस प्रकार परिजन हत्या और मारपीट की आशंका जता रहे हैं तथा सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कथित चोटों के निशान दिखाई देने का दावा किया जा रहा है, उससे यह मामला अब केवल एक बंदी की मौत तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि प्रदेश स्तर पर चर्चा और राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
नोट: शरीर पर चोट के निशान होने संबंधी दावे सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और परिजनों के आरोपों पर आधारित हैं। इनकी आधिकारिक पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।








