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राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल बोथरा, सजल जैन समेत पांच पर धोखाधड़ी का मामला,न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर दुर्ग कोतवाली में FIR

दुर्गजमीन सौदे से जुड़े कथित धोखाधड़ी के एक मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद दुर्ग कोतवाली पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। मामले में राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं भाजपा नेता कांतिलाल बोथरा तथा सजल जैन समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 420 और 34 के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है

जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता की ओर से न्यायालय में प्रस्तुत आवेदन में आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने रिद्धि-सिद्धि बिल्डर्स के नाम से फर्म बनाकर जमीन एवं प्लॉट से संबंधित कारोबार किया। शिकायत में आरोप है कि फर्म के संचालन के लिए आरोपियों के बीच साझेदारी की गई थी और जमीन खरीद-बिक्री से जुड़े लेन-देन में शिकायतकर्ता के साथ धोखाधड़ी की गई।

2.98 एकड़ जमीन से जुड़ा मामला

शिकायत के अनुसार, वर्ष 2009 के आसपास करीब 2.98 एकड़ जमीन से संबंधित सौदा किया गया था। आरोप है कि जमीन को लेकर निवेश और प्लॉट विकसित करने की योजना बनाई गई थी। बाद में जमीन के उपयोग और बिक्री को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हुई।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसे जमीन एवं प्लॉट कारोबार में निवेश के लिए प्रेरित किया गया तथा निवेश की राशि और उससे संबंधित दस्तावेजों को लेकर बाद में विवाद उत्पन्न हुआ।

कांतिलाल बोथरा और सजल जैन की भूमिका पर सवाल

मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कांतिलाल बोथरा और सजल जैन सहित अन्य लोग फर्म से जुड़े हुए थे और जमीन से संबंधित कारोबार में उनकी भूमिका थी। शिकायत में विभिन्न दस्तावेजों, साझेदारी और जमीन के लेन-देन का उल्लेख करते हुए जांच की मांग की गई थी।

न्यायालय ने मामले में प्रस्तुत शिकायत और दस्तावेजों पर विचार करने के बाद पुलिस को अपराध दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया। इसके बाद दुर्ग कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।

 

पुलिस करेगी दस्तावेज और लेन-देन की जांच

एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस द्वारा मामले से जुड़े जमीन के दस्तावेज, फर्म के रिकॉर्ड, साझेदारी संबंधी कागजात, बैंक लेन-देन और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच की जाएगी। पुलिस यह भी जांच करेगी कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सत्यता है और प्रत्येक आरोपी की भूमिका क्या रही है।

यह मामला फिलहाल पुलिस जांच के अधीन है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

बड़ा सवाल—जमीन सौदे में आखिर क्या हुआ?

मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जमीन सौदे और कथित प्लॉट कारोबार में कितनी राशि का लेन-देन हुआ, किसके खाते में राशि गई, जमीन का वास्तविक स्वामित्व क्या था और शिकायतकर्ता को कथित रूप से किस तरह आर्थिक नुकसान हुआ।

इन सभी बिंदुओं पर पुलिस की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

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Author: Dhaara News

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