Dhaara News

Dhaara News Exclusive: दुर्ग ग्रामीण में कांग्रेस का ‘सोशल इंजीनियरिंग’ दांव, संतोष देशमुख की नियुक्ति से सियासी हलचल

भिलाई/दुर्ग: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (CPCC) के ओबीसी विभाग ने अपनी नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। इस सूची में दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र के लिए की गई नियुक्ति ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज कर दी हैं। कांग्रेस ने रिसाली क्षेत्र के पूर्व पार्षद संतोष देशमुख को जिम्मेदारी सौंपकर एक बड़ा सामाजिक संदेश देने की कोशिश की है।

कुर्मी समाज को प्राथमिकता और पिछला रोष
खबरों के मुताबिक, जनपद और जिला पंचायत चुनावों के दौरान दुर्ग ग्रामीण में साहू और कुर्मी समाज की अनदेखी की बात सामने आई थी, जिससे इस बड़े वोट बैंक में खासा रोष देखा गया था। कुछ जिला पंचायत और जनपद पंचायत के चुनाव के दौरान उन क्षेत्रों में कई दिल्लीवार समाज के कैंडिडेट चुनाव हार गए। सामाजिक राजनीतिक वर्चस्व में कमी देखी गई  इसलिए कांग्रेस ने अब देशमुख (कुर्मी समाज) को प्राथमिकता देकर उस नाराजगी को दूर करने और आगामी चुनावों में इसका फायदा उठाने की रणनीति बनाई है।
बहुसंख्यक दिल्लीवार समाज पर निशाना
दुर्ग ग्रामीण में दिल्लीवार समाज की संख्या काफी अधिक है। संतोष देशमुख की नियुक्ति को इसी समाज को साधने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले के पीछे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू की पसंद के साथ-साथ ‘सोशल इंकंबेंसी’ (सामाजिक समीकरणों का संतुलन) का पूरा ख्याल रखा गया है।
बीजेपी से दिल्लीवार समाज की कथित नाराजगी
कांग्रेस के इस कदम को बीजेपी के लिए एक चुनौती माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर ऐसी चर्चाएं हैं कि बीजेपी के मौजूदा रवैये से दिल्लीवार समाज के कुछ धड़े नाराज चल रहे हैं। कांग्रेस ने इसी मौके को भुनाते हुए ओबीसी नियुक्तियों में इस समाज और क्षेत्र के प्रतिनिधित्व को मजबूती दी है।
मुख्य बिंदु:
  • संतोष देशमुख: रिसाली के पूर्व पार्षद, अब दुर्ग ग्रामीण में बड़ी जिम्मेदारी।
  • रणनीति: साहू-कुर्मी समाज की पुरानी नाराजगी को दूर करना।
  • दिग्गजों का हाथ: नियुक्ति में बघेल और साहू की अहम भूमिका।
  • विपक्ष पर प्रहार: बीजेपी के प्रति कथित नाराजगी का फायदा उठाने की कोशिश।
Dhaara News
Author: Dhaara News

Leave a Comment