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स्वच्छता का ‘प्रगति’ पथ: रिसाली निगम की ‘बदबूदार’ खामोशी और कचरे पर पलती गौ माता

 

रिसाली। देश में स्वच्छता अभियान के तहत बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन नगर पालिक निगम रिसाली के प्रगति नगर क्षेत्र से एक ऐसी अनोखी और ‘सुगंधित’ तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर निगम के आला अधिकारियों की ‘कर्तव्यनिष्ठा’ को सलाम करने का मन करेगा।

निगम के सफाई महकमे ने जनता की सेहत और पर्यावरण को सुधारने का एक नया और क्रांतिकारी फॉर्मूला निकाला है—”लोगों के घरों के ठीक पीछे कचरे का साम्राज्य स्थापित करना।”

अधिकारियों की ‘कुंभकर्णी’ नींद और अद्भुत मौन

प्रगति नगर में रोज सुबह कचरा गाड़ियां कचरा उठाने नहीं, बल्कि रिहायशी इलाकों के पीछे लाकर उसे डंप करने का पवित्र कार्य पूरी ईमानदारी से कर रही हैं। क्षेत्र की जनता इस तीव्र बदबू और दूषित वातावरण से इतनी त्रस्त हो चुकी है कि घरों की खिड़कियां खोलना भी दूभर हो गया है।

लेकिन कमाल की बात यह है कि निगम के जिम्मेदार अधिकारी अपनी आंखें इस कदर बंद किए बैठे हैं कि उन्हें इस गंदगी में केवल ‘प्रगति’ ही नजर आ रही है। जब जनता अपनी बीमारियों और बदबू की दुहाई लेकर आवाज उठाती है, तो सफाई कर्मचारी अपनी गुंडई और दबंगई पर उतर आते हैं। शायद निगम प्रशासन ने उन्हें ‘स्वच्छता दूत’ के बजाय ‘इलाका रक्षक’ की ट्रेनिंग दे दी है।

गौ रक्षकों के राज में कचरा खाने को मजबूर गौ माता

क्षेत्र में वैसे तो स्वघोषित गौ रक्षकों, गौ सेवकों और बड़े-बड़े भाषण देने वालों की कोई कमी नहीं है, लेकिन धरातल की कड़वी सच्चाई यह है कि जिसे हम ‘गौ माता’ कहते हैं, वह इसी डंप किए गए प्लास्टिक और सड़े-गले कचरे को खाने के लिए पूरी तरह मजबूर है।

सड़कों पर केटल-फ्री का दम भरने वाले दावे इस डंपिंग ग्राउंड के आगे आकर ढेर हो जाते हैं। रक्षक मौन हैं और सेवक शायद सिर्फ कागजों और सोशल मीडिया पर चारा बांटने में व्यस्त हैं, जबकि हकीकत में इन मूक पशुओं के हिस्से में सिर्फ और सिर्फ जहर आ रहा है।

रिसाली निगम की सफाई व्यवस्था पर सीधे सवाल:

अधिकारियों का संरक्षण: क्या जनता के टैक्स के पैसों से पलने वाले अधिकारियों की मिलीभगत के बिना रिहायशी इलाकों के पीछे कचरा फेंकना संभव है?

गुंडागर्दी पर कार्रवाई कब: विरोध करने पर आम नागरिकों को डराने-धमकाने वाले कर्मचारियों पर निगम कमिश्नर और प्रशासन कब तक मौन रहेगा?

जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़: बीमारियों का न्योता देते इस कचराघर को यहां से हटाकर सही डंपिंग ग्राउंड में कब शिफ्ट किया जाएगा?

रिसाली निगम को यह समझना होगा कि स्वच्छता सिर्फ विज्ञापनों और कागजी आंकड़ों में चमकाने की चीज नहीं है। अगर प्रगति नगर की जनता बदबू में रहने को मजबूर है, तो आपके दावों की बदबू बहुत जल्द पूरे शहर में फैलेगी।

 

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Author: Dhaara News

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