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करंट से किसान की मौत अंतिम संस्कार रुका, लापरवाही के आरोपों के बीच किसान की मौत, मुआवजे और कार्रवाई की मांग, जेई का जवाब संतोषप्रद नहीं, AE नहीं पहुंचे

 

अंडा/चिंगरी। ग्राम चिंगरी निवासी किसान बीरेन्द्र देशमुख (60 वर्ष) की करंट लगने से हुई मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। पोस्टमार्टम के बाद शव को अंडा स्थित बिजली कार्यालय के सामने रखकर शुरू किया गया धरना प्रदर्शन चार घंटे से अधिक समय तक जारी रहा। इस दौरान मृतक का अंतिम संस्कार भी नहीं हो सका और परिजन न्याय की मांग को लेकर डटे रहे।

ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण किसान की जान गई, लेकिन घटना के बाद भी विभाग का रवैया असंवेदनशील बना हुआ है। धरनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार कनिष्ठ अभियंता (JE) ग्रामीणों को संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जबकि सहायक अभियंता (AE) के मौके पर नहीं पहुंचने से लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।

धरना प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन भी ग्रामीणों के समर्थन में पहुंचे। मौके पर कांग्रेस नेता विक्की मिश्रा, अंडा सरपंच दिग्विजय सिन्हा, भाजयुमो अध्यक्ष लक्ष्मण यादव, बजरंग दल नेता हंसराज देशमुख, सरपंच प्रतिनिधि सुनील वाघमारे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

प्रशासन की ओर से तहसीलदार वासु मित्र दिवान, एसडीओपी पाटन अनूप लकड़ा एवं थाना प्रभारी श्रद्धा पाठक मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने और समाधान निकालने का प्रयास करते रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों से चर्चा की, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया था।

ग्रामीणों का कहना है कि जिस विद्युत पोल और तार को लेकर लंबे समय से शिकायतें की जा रही थीं, उस पर समय रहते कार्रवाई की जाती तो यह हादसा नहीं होता। लोगों ने मृतक परिवार को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को रोजगार तथा दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।

बारिश के बीच बिजली कार्यालय के सामने रखा शव और न्याय की मांग में बैठे ग्रामीणों का यह प्रदर्शन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि एक किसान की मौत के बाद भी यदि विभाग जिम्मेदारी तय नहीं कर पा रहा है, तो यह प्रशासनिक संवेदनशीलता पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।

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Author: Dhaara News

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