Dhaara News

पिछली बार की ‘अनदेखी’ पर प्रतिमा चंद्राकर का दर्द छलका, भूपेश ने दिया भरोसा—अब 40 वार्डों में चलेगी आपकी राय!

 

रिसाली कांग्रेस की बैठक में टिकट से पहले ‘पूछपरख’ का सवाल गरमाया, भूपेश बोले—इस बार संगठन में आपकी राय होगी अहम

रिसाली। नगर निगम चुनाव की आहट के साथ ही रिसाली कांग्रेस में सियासी हलचल तेज हो गई है। संगठनात्मक बैठक में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी के बीच सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर की नाराजगी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आश्वासन को लेकर रही।

बैठक में प्रतिमा चंद्राकर ने पिछले निगम चुनाव का मुद्दा उठाते हुए अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। उनका कहना था कि करीब पांच साल पहले निगम चुनाव के दौरान उनकी पूछपरख नहीं हुई और उनसे पर्याप्त राय-मशविरा भी नहीं किया गया। चुनावी राजनीति में यह शिकायत महज व्यक्तिगत नाराजगी नहीं, बल्कि संगठन के भीतर निर्णय प्रक्रिया में वरिष्ठ नेताओं की भूमिका को लेकर सवाल के तौर पर भी देखी गई।

प्रतिमा चंद्राकर की बात सामने आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें भरोसा दिलाया कि इस बार ऐसा नहीं होगा। बैठक में उन्होंने संकेत दिया कि रिसाली के सभी 40 वार्डों में उनकी राय और अनुभव को महत्व दिया जाएगा और उनकी पूछपरख होगी। यानी पिछली बार जिस ‘अनदेखी’ की शिकायत सामने आई, इस बार उसकी भरपाई संगठनात्मक स्तर पर करने का संदेश दिया गया।

टिकट की दौड़ में ‘गुट’ नहीं, जीतने वाला चेहरा?

बैठक में छाया सांसद राजेंद्र साहू ने भी टिकट वितरण को लेकर संगठनात्मक एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मिलकर तय करेंगे कि किस वार्ड में किस दावेदार को मौका दिया जाए। गुटबाजी और चाटुकारिता की कोई जगह नहीं होनी चाहिए, ऐसी भावना बैठक में रखी गई।

चर्चा यह भी हुई कि जिस वार्ड में पार्टी के सामने केवल एक मजबूत नाम होगा, वहां उस नाम पर तत्काल सहमति बनाई जा सकती है। वहीं पूर्व जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हेमंत बंजारे ने भी कहा कि पार्टी में गुटबाजी नहीं होनी चाहिए और सभी दावेदार अपनी तैयारी में जुटे हुए हैं। टिकट अंततः जीतने की क्षमता रखने वाले उम्मीदवार को मिलना चाहिए।

महापौर की कुर्सी पर भी ‘स्थानीय’ दांव

बैठक में महापौर पद को लेकर भी स्थानीय चेहरे की पैरवी सामने आई। कई कार्यकर्ताओं ने चर्चा के दौरान कहा कि यदि भाजपा स्थानीय व्यक्ति को महापौर पद के लिए आगे बढ़ाती है तो कांग्रेस को भी स्थानीय चेहरे को प्राथमिकता देने पर विचार करना चाहिए।

बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर, छाया सांसद राजेंद्र साहू, पूर्व जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हेमंत बंजारे सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

फिलहाल रिसाली कांग्रेस की इस बैठक का सबसे बड़ा संदेश यही माना जा रहा है—पिछली बार टिकट और चुनावी रणनीति में ‘पूछपरख’ नहीं होने की शिकायत इस बार संगठन ने सुन ली है, लेकिन असली परीक्षा 40 वार्डों में टिकट बंटवारे के वक्त होगी।

Dhaara News
Author: Dhaara News

Leave a Comment