रिसाली। रिसाली नगर निगम क्षेत्र की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल कृष्णा टॉकीज रोड इन दिनों अव्यवस्था, जलभराव और अवैध कब्जों का प्रतीक बनती जा रही है। सड़क किनारे व्यावसायिक परिसरों के सामने बड़े पैमाने पर निर्माण सामग्री डंप कर दी गई है, कई स्थानों पर अवैध पार्किंग बना दी गई है और नालों पर अतिक्रमण के कारण बारिश के दिनों में जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
तस्वीरों में सड़क किनारे रेत का विशाल ढेर, निर्माण सामग्री का खुलेआम भंडारण और व्यावसायिक परिसरों के सामने अव्यवस्थित पार्किंग साफ दिखाई दे रही है। इससे न केवल यातायात प्रभावित हो रहा है, बल्कि शहर की सुंदरता पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

बारिश में दुकानों और घरों तक पहुंच रहा पानी
स्थानीय व्यापारियों और रहवासियों का कहना है कि हर बारिश में सड़क और नालों का पानी दुकानों तथा कई स्थानों पर घरों तक पहुंच जाता है। ग्राहकों को दुकानों तक पहुंचने में परेशानी होती है, जिससे छोटे व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। जलभराव के कारण पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है।
नालों पर अतिक्रमण बना जलभराव की बड़ी वजह
क्षेत्र में कई स्थानों पर नालों पर अवैध अतिक्रमण और निर्माण के कारण पानी की निकासी बाधित हो रही है। नतीजतन, थोड़ी सी बारिश में भी सड़कें जलमग्न हो जाती हैं और आसपास के व्यापारिक प्रतिष्ठानों में पानी भर जाता है।
फाइन लगाकर खानापूर्ति, समाधान नहीं
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम समय-समय पर कुछ लोगों पर जुर्माना लगाकर कार्रवाई का दावा तो करता है, लेकिन निर्माण सामग्री हटाने, अवैध पार्किंग समाप्त कराने और नालों से अतिक्रमण हटाने की स्थायी कार्रवाई नहीं होती। यही वजह है कि समस्या वर्षों से जस की तस बनी हुई है।
स्वच्छ भारत अभियान पर उठ रहे सवाल
एक ओर सरकार “स्वच्छ भारत अभियान” और स्वच्छ एवं सुंदर शहर का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर रिसाली के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र में सड़क किनारे फैली निर्माण सामग्री, अवैध कब्जे, गंदगी और जलभराव अभियान की मंशा पर सवाल खड़े कर रहे हैं। शहर की पहचान बनने वाली प्रमुख सड़क यदि इसी तरह अव्यवस्थित रहेगी तो स्वच्छ और सुंदर शहर का सपना अधूरा ही रहेगा।
निगम के रवैये से बढ़ रहा आक्रोश
कृष्णा टॉकीज रोड पर प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद नगर निगम की उदासीनता के कारण सड़क की सुंदरता, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। नागरिकों का कहना है कि केवल जुर्माना वसूलना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सड़क किनारे डंप निर्माण सामग्री तत्काल हटाई जाए, नालों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई हो और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नगर निगम ने जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो न केवल बारिश में जलभराव की समस्या और गंभीर होगी, बल्कि रिसाली की पहचान, शहर की सुंदरता और स्वच्छ भारत अभियान की भावना भी प्रभावित होती रहेगी।








