6 वर्षों से भटक रहे ग्राम कस के ग्रामीणों ने राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा से लगाई गुहार, राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
गरियाबंद : प्रदेश सरकार द्वारा गांव-गांव में सुशासन शिविर आयोजित कर लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। गरियाबंद जिले के ग्राम पंचायत कस के ग्रामीण आज भी अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। यही वजह है कि सुशासन शिविरों के आयोजन के बाद भी ग्रामीणों को सीधे मंत्री तक पहुंचकर गुहार लगानी पड़ रही है। ग्राम कस में पिछले 6 वर्षों से राजस्व भूमि बंदोबस्त त्रुटि का मामला अटका हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि तहसीलदार कार्यालय से लेकर कलेक्टर जनदर्शन तक कई बार आवेदन और शिकायतें देने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं किया गया। राजस्व अभिलेखों में हुई त्रुटियों के कारण किसानों और भूमिधारकों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों की जमीन संबंधी जानकारी रिकॉर्ड में गलत दर्ज होने से खेती-किसानी, नामांतरण और अन्य शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
समस्या से परेशान ग्रामीणों ने अब छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा से मुलाकात कर अपनी पीड़ा साझा की। ग्रामीणों ने मंत्री को बताया कि वर्षों से राजस्व विभाग के चक्कर काटने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिला है, जबकि त्रुटि सुधार की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद मंत्री टंकराम वर्मा ने मामले को गंभीर बताते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की बात कही। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही राजस्व विभाग की टीम गठित कर ग्राम कस में बंदोबस्त त्रुटियों की जांच कराई जाएगी और आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए जाएंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते राजस्व अभिलेखों में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में जमीन विवाद और अधिक बढ़ सकते हैं। वहीं, इस पूरे मामले ने एक बार फिर राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और सुशासन शिविरों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि जब शिविरों में समाधान नहीं हो रहा, तो आम जनता को मजबूर होकर मंत्री और जनप्रतिनिधियों के पास जाना पड़ रहा है।
मंत्री से मुलाकात के बाद ग्रामीणों ने समस्या के शीघ्र समाधान की उम्मीद जताते हुए उनका आभार व्यक्त किया।इस दौरान ग्राम कस भूमि सुधार समिति के सदस्य बलराम निषाद, सियाराम पटेल, संतोष ध्रुव, राम भरोसा, कन्हैया निषाद, सुरेंद्र यादव, रमेश कुमार निषाद एवं सरपंच प्रतिनिधि रविंद्र कुमार ध्रुव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।







